Bihar News: काली कमाई और 5 महिला मित्र! अय्याश निलंबित SDPO की पांचवीं गर्लफ्रेंड का मिला सुराग, खुलासे से पुलिस के भी उड़े होश
Bihar News: किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ की पांचवीं गर्लफ्रेंड सामने आई है, जो पटना के कुर्जी की रहने वाले हैं। पुलिस छापेमारी के लिए पहुंची तो महिला की मित्र फरार मिली। वहीं ईओयू जांच में जुटी हुई है।
Bihar News: बिहार के भ्रष्ट और निलंबित एसडीपीओ गौतम के काले कारनामों की लिस्ट खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब तक जांच में एसडीपीओ गौतम की दो महिला मित्र की जानाकारी मिली थी तो वहीं अब यह संख्या बढ़कर 5 हो गई है। एसडीपीओ के कथिच काले कारनामो का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ईओयू ने अब तक करोड़ों की अवैध संपत्ति के साथ-साथ उनके निजी जीवन और संदिग्ध संबंधों को लेकर भी कई अहम तथ्य सामने आए हैं।
पांचवीं महिला मित्र का खुलासा
जांच में पहले जहां दो महिला मित्रों की जानकारी मिली थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर पांच हो गई है। इनमें पटना के कुर्जी की एक महिला भी शामिल है, जिसके ठिकाने पर EOU ने छापेमारी की, लेकिन वह फरार पाई गई। एक अन्य महिला, जो उनकी करीबी रिश्तेदार बताई जा रही है और सिलीगुड़ी में बैंककर्मी है, उसके बैंक दस्तावेज और एटीएम कार्ड भी गौतम के पास से बरामद हुए हैं। जांच के अनुसार, एक महिला के नाम पर पूर्णिया में जमीन खरीदी गई, जबकि एक अन्य, जो घरेलू कामगार बताई जा रही है, उसे थार गाड़ी उपलब्ध कराई गई थी। एक पुलिसकर्मी महिला के लिए दो मंजिला मकान और स्कॉर्पियो वाहन खरीदने की बात भी सामने आई है।
एक करोड़ की खरीदी जमीन
मामले में दो प्रमुख सहयोगियों की भी पहचान हुई है। पहला, किशनगंज के निलंबित नगर थानेदार अभिषेक कुमार रंजन, जिनके ठिकानों पर 13 अप्रैल को छापेमारी की गई। जांच में सामने आया है कि उन्होंने बागडोगरा में करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की जमीन खरीदी, जिसमें बड़ी राशि नकद दी गई।
होटल संचालक के नाम भी थार खरीदी
दूसरा सहयोगी एक होटल संचालक है, जिसका होटल बंगाल सीमा के रामपुर चेकपोस्ट के पास स्थित है। आरोप है कि गौतम और उनके सहयोगी यहां तस्करों और माफियाओं से कथित अवैध वसूली का लेन-देन करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि एक थार गाड़ी होटल संचालक के चालक के नाम पर खरीदी गई थी।
इन पर भी गिर सकती है गाज
EOU की जांच अब किशनगंज और पूर्णिया के चार अन्य SDPO तक पहुंच गई है। इसके अलावा, वहां के पूर्व एसपी स्तर के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। किशनगंज सीमांचल क्षेत्र का संवेदनशील जिला है, जहां नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमाएं सटी हुई हैं। यहां तस्करी और अवैध गतिविधियों की आशंका को देखते हुए SSB और IB ने एक आंतरिक रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी थी।
पूरे नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस
इस रिपोर्ट में पिछले दो वर्षों में जाली नोट, शराब, हथियार और नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई का आंकड़ा किशनगंज में शून्य पाया गया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर गौतम कुमार संदेह के घेरे में आए और 31 मार्च को EOU ने उनके छह ठिकानों पर छापेमारी की थी। EOU फिलहाल पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।