पटना के बोरिंग रोड में महिलाएं पीती हैं सिगरेट, पुरुष बस देखते रह जाते हैं..., तेज प्रताप यादव का बड़ा दावा
तेज प्रताप यादव ने बिहार में शराबबंदी को फेल बताते हुए कहा कि पटना के बोरिंग रोड में महिलाएं सिगरेट पीती हैं और पुरुष देखते रह जाते हैं। जानें पूरा बयान।
Patna - बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। बुधवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बिहार की सामाजिक स्थिति और शराबबंदी पर सवाल उठाते हुए एक ऐसा बयान दिया, जिसने नई बहस छेड़ दी है। तेज प्रताप यादव ने पटना के पॉश इलाके बोरिंग रोड का जिक्र करते हुए महिलाओं के सिगरेट पीने पर तीखी टिप्पणी की।
शराबबंदी पर तंज और बोरिंग रोड का जिक्र

बिहार में शराबबंदी की सफलता पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि राज्य में शराबबंदी पूरी तरह फेल है और हर जगह शराब उपलब्ध है। इसी क्रम में उन्होंने पटना की जीवनशैली पर कटाक्ष करते हुए कहा, "पटना के बोरिंग रोड में महिलाएं सरेआम सिगरेट पीती हैं। वहां लड़कियां सिगरेट पीती हैं और पुरुष खड़े होकर उनका मुंह देखते रहते हैं।"
"नशे से खराब हो रही है युवा पीढ़ी"
तेज प्रताप यादव ने कहा कि समाज में नशे का चलन बढ़ रहा है जिससे युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है। उन्होंने शराबबंदी के नाम पर हो रही 'डायलॉगबाजी' पर निशाना साधते हुए कहा कि जमीन पर हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने बोरिंग रोड के एक रेस्टोरेंट का नाम लेते हुए दावा किया कि वहां ऐसी गतिविधियां आम हैं और लोग मूकदर्शक बने रहते हैं।
आजादी के नाम पर नशा ठीक नहीं
महिलाओं की आजादी और उनके रहन-सहन पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "आजादी मिलना अच्छी बात है, लेकिन नशे की लत से दूर रहना चाहिए। नशा जब दिमाग पर चढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विचलित हो जाता है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि चाहे शराब हो या सिगरेट, नशे का यह प्रसार बिहार के सामाजिक ढांचे के लिए चिंताजनक है।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
तेज प्रताप यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। जहां कुछ लोग उनके इस 'ऑब्जर्वेशन' को सही ठहरा रहे हैं, वहीं कई लोग इसे महिलाओं की निजी पसंद और स्वतंत्रता पर अनावश्यक टिप्पणी मान रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में भी उनके इस बयान को शराबबंदी की विफलता को उजागर करने के एक नए तरीके के रूप में देखा जा रहा है।