Bihar Politics: नारी आरक्षण पर नेता प्रतिपक्ष का सम्राट चौधरी पर पलटवार, तेजस्वी यादव ने कहा- जब बिल तीन साल पहले ही पास हो चुका था, तो उसे लागू क्यों नहीं किया गया?
तेजस्वी यादव ने कहा कि जब बिल तीन साल पहले ही पास हो चुका था, तो उसे लागू क्यों नहीं किया गया? राष्ट्रपति की मंजूरी में देरी क्यों हुई?
Bihar Politics: बिहार की सियासत में महिला आरक्षण को लेकर जुबानी जंग अब और तेज हो गई है। सत्ता पक्ष के आरोपों के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जोरदार पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्र सरकार पर तीखे सवाल दागे हैं।
तेजस्वी यादव ने साफ लहजे में कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को महिला विरोधी बताना सरासर गुमराह करने की कोशिश है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री तो बन गए हैं, लेकिन उन्हें यह भी समझ नहीं है कि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन (डिलिमिटेशन) का खेल खेला जा रहा है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिल तीन साल पहले ही पास हो चुका था, तो उसे लागू क्यों नहीं किया गया? राष्ट्रपति की मंजूरी में देरी क्यों हुई? तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष जानबूझकर इस मुद्दे को लटका कर सियासी फायदा उठाना चाहता है।
केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अब बिहार की सरकार दिल्ली के इशारों पर चल रही है और फैसले स्थानीय जरूरतों के बजाय पीएमओ के निर्देशों से तय हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी ने हमेशा महिलाओं को ज्यादा टिकट देकर असली प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है, जबकि भाजपा और उसके सहयोगी सिर्फ दिखावे की राजनीति कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण का वे विरोध नहीं करते, बल्कि इसे 50 फीसदी तक बढ़ाने और उसमें भी ओबीसी महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की वकालत करते हैं। आगामी 24 अप्रैल को होने वाले फ्लोर टेस्ट पर उन्होंने इसे सिर्फ औपचारिकता बताया और कहा कि सरकार बहुमत के आंकड़े के सहारे सत्ता में बनी हुई है। साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार में अपराध और घोटालों के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। बिहार की राजनीति में महिला आरक्षण अब हक बनाम सियासत की जंग बन चुकी है, जहाँ हर बयान के पीछे सत्ता की रणनीति और विपक्ष की चुनौती साफ नजर आ रही है।
रिपोर्ट- रंजीत कुमार