Bihar Politics: राबड़ी के बाद तेजस्वी यादव ने भी लौटाई अपनी सुरक्षा, नेता प्रतिपक्ष का मास्टरस्ट्रोक! दिल्ली से Y+ सुरक्षा लौटाकर बिहार की राजनीति में मचाई हलचल

Bihar Politics:RJDसुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा सरकारी सुरक्षा लौटाने के बाद अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी वाई-प्लस (Y+) श्रेणी की सुरक्षा वापस करने का फैसला कर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। ...

Tejashwi Returns Y Security Amid Lalu Family Security Row
तेजस्वी यादव ने भी लौटाई अपनी सुरक्षा- फोटो : social Media

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा सरकारी सुरक्षा लौटाने के बाद अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी वाई-प्लस (Y+) श्रेणी की सुरक्षा वापस करने का फैसला कर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इस कदम के बाद बिहार के सियासी गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।

सूत्रों के अनुसार तेजस्वी यादव अब सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सुरक्षा नहीं लेंगे। इसे राजद खेमे की ओर से एक मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का मानना है कि सुरक्षा में कटौती और बदलाव के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं सत्ता पक्ष इस आरोप को खारिज करते हुए इसे सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर लिया गया सामान्य प्रशासनिक फैसला बता रहा है।

दरअसल हाल ही में सुरक्षा समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव की जेड प्लस सुरक्षा वापस ले ली गई थी। नई व्यवस्था के तहत उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार सीमित सुरक्षा कवर, बॉडीगार्ड, एस्कॉर्ट और बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा देने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में भी संशोधन किया गया था। इसके विरोध में दोनों नेताओं ने अपने सरकारी आवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया।

राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि लालू-राबड़ी ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए सुरक्षाकर्मियों को तत्काल आवास छोड़ने का निर्देश दिया। इसके बाद सभी जवान वहां से हट गए। अब तेजस्वी यादव के फैसले ने इस पूरे विवाद को और अधिक राजनीतिक बना दिया है।

हालांकि सरकार ने तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कोई कटौती नहीं की थी और उनकी वाई-प्लस सुरक्षा पहले की तरह बरकरार रखी गई थी। वहीं राजश्री यादव को एक सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। दूसरी ओर तेज प्रताप यादव की वाई श्रेणी सुरक्षा समाप्त कर उन्हें केवल एक बॉडीगार्ड दिया गया है, जबकि मीसा भारती को तीन सुरक्षाकर्मियों का सुरक्षा कवर प्रदान किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा का यह मुद्दा केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। राजद इसे सम्मान, प्रतिष्ठा और राजनीतिक संदेश से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद बिहार की चुनावी राजनीति का एक बड़ा मुद्दा बन सकता है, जहां सुरक्षा का सवाल सीधे सियासी संघर्ष और जनभावनाओं से जुड़ता दिखाई दे रहा है।