Bihar Politics: तेजस्वी यादव ने राजद विधायक को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, बनाया बिहार विधानसभा का मुख्य विपक्षी सचेतक

Bihar Politics: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राजद नेता कुमार सर्वजीत को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। तेजस्वी ने राजद विधायक को बिहार विधानसभा का मुख्य विपक्षी सचेतक बनाया है।

तेजस्वी यादव
राजद विधायक को मिली बड़ी जिम्मेदारी - फोटो : social media

Bihar Politics:  बिहार में नई सरकार की गठन होने के बाद अब कल यानी 1 दिसंबर से 18वीं बिहार विधानसभा सत्र की कार्यवाही शुरु होने वाली है। 1 से 5 दिसंबर कर सदन की कार्यवाही चलेगी। इसी बीच तेजस्वी यादव ने बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि कल तेजस्वी यादव भी सदन में मौजूद रहेंगे। करारी हार के बाद पहली बार कल तेजस्वी यादव सीएम नीतीश के आमने सामने होंगे। बीते दिन महागठबंधन की हुई बैठक में सभी दलों ने सहमति से तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष बनाया है। वहीं अब तेजस्वी यादव ने राजद विधायक को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। 

कुमार सर्वजीत को बड़ी जिम्मेदारी 

जानकारी अनुसार तेजस्वी यादव ने बोधगया निर्वाचन क्षेत्र 229 से नव निर्वाचित राजद विधायक कुमार सर्वजीत को बिहार विधानसभा में मुख्य विरोधी दव का मुख्य सचेतक नियुक्ति किया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने 29 नवंबर 2025 से इस नियुक्ति को प्रभावी करने का आदेश जारी किया। इस संबंध में जारी पत्र को संबंधित विभागों और अधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।

कौन होता है मुख्य विपक्षी सचेतक 

मुख्य विपक्षी सचेतक वह व्यक्ति होता है, जो विधानसभा में विपक्षी दल के अनुशासन, उपस्थिति, रणनीति और कार्यप्रणाली को संभालने वाला सबसे महत्वपूर्ण पदाधिकारी है। राजद के कुमार सर्वजीत मु्ख्य विपक्षी सचेतक बने हैं। बता दें कि सदन के पहले दिन सभी नव निर्वाचित 243 सदस्य विधायक पद की शपथ लेंगे। इस दिन सदन में तेजस्वी यादव भी पहुंचेंगे। तेजस्वी ने राघुपोर से चुनाव जीता था। 

मुख्य विपक्षी सचेतक की 5 बड़ी जिम्मेदारी 

1. विपक्ष के विधायक सही समय पर सदन में मौजूद रहें

महत्वपूर्ण बहस, बिल, प्रस्ताव या मतदान के दौरान विपक्ष के सभी विधायकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना।

2. विपक्षी विधायकों को दिशा-निर्देश देना

किस मुद्दे पर कैसे बोलना है, किसके बोलने का क्रम क्या होगा, किस बिल के पक्ष या विपक्ष में खड़ा होना है— इसकी जानकारी देना।

3. पार्टी लाइन का पालन करवाना

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्षी दल की नीतियों और तय रुख के अनुसार विधायकों का आचरण सुनिश्चित करना।

4. सरकार के खिलाफ रणनीति बनाना

सदन में सरकार को घेरने, सवाल उठाने और विपक्ष की एकजुटता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना।

5. सदन और पार्टी नेतृत्व के बीच समन्वय

विपक्ष के नेता और विधायकों के बीच संवाद बनाए रखना तथा आवश्यक जानकारी समय पर पहुंचाना।