नीतीश के राज्यसभा जाने पर तेजस्वी का बड़ा हमला: 'अपमानित किए जा रहे हैं मुख्यमंत्री, दबाव में लिया फैसला'

तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने पर कहा कि उन्हें अपमानित किया जा रहा है और उन पर भारी दबाव है। बिहार की सरकार अब दिल्ली से चलेगी।

नीतीश के राज्यसभा जाने पर तेजस्वी का बड़ा हमला: 'अपमानित किए

Patna - : बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। तेजस्वी ने इसे एक सामान्य औपचारिकता बताते हुए कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या मुख्यमंत्री ने किसी प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है जो इतनी चर्चा हो रही है? तेजस्वी ने दावा किया कि नीतीश कुमार अपनी इच्छा से नहीं बल्कि भारी राजनीतिक दबाव के कारण यह कदम उठा रहे हैं।

"जबरदस्ती राज्यसभा भेजे जा रहे हैं नीतीश"

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री की स्थिति पर सहानुभूति जताते हुए कहा कि उन पर वर्तमान में बहुत अधिक दबाव है। उन्होंने पुरानी बातों को याद दिलाते हुए कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि उन्हें चैन से रहने नहीं दिया जाएगा। तेजस्वी के अनुसार, "नीतीश कुमार की खुद की इच्छा राज्यसभा जाने की बिल्कुल नहीं थी, लेकिन उन्हें जबरदस्ती वहां भेजा जा रहा है। अगर उनकी ऐसी कोई मंशा होती तो मुख्यमंत्री बनने के महज तीन महीने के भीतर ही वह राज्यसभा जाने का फैसला क्यों लेते?"

अपमान और बेबसी का लगाया आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री के सार्वजनिक अपमान का मुद्दा उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री की हालत ऐसी हो गई है कि कोई उनका हाथ नीचे कर देता है, तो कोई उनका कुर्ता खींचता है। तेजस्वी ने वीडियो फुटेज और हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सदन में जब मुख्यमंत्री बोल रहे होते हैं, तब सदन स्थगित कर दिया जाता है या बिजली काट दी जाती है। यह दिखाता है कि उन्हें किस कदर अपमानित किया जा रहा है।

बिहार की बदहाली पर सरकार को घेरा

राज्य की कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों पर प्रहार करते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार की स्थिति 'बद से बदतर' होती जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध की घटनाएं चरम पर हैं और आम लोग परेशान हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में गिरावट का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को केवल अपनी कुर्सी बचाने की चिंता है, बिहार भले ही भाड़ में चला जाए, इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

शिक्षक भर्ती और रोजगार पर सवाल

बेरोजगारी के मुद्दे पर तेजस्वी यादव ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया को जानबूझकर लटका कर रख दिया गया है, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में है। उन्होंने सोशल मीडिया पर किए गए अपने पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि सरकार नौकरी देने के नाम पर केवल समय काट रही है और बिहार को बदनाम करने की साजिश रच रही है। जनता का मैंडेट किसी और के लिए था, लेकिन सरकार किसी और की चल रही है।

"दिल्ली से चलेगी बिहार की सरकार"

तेजस्वी यादव ने अंत में कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार की सरकार पटना से नहीं बल्कि दिल्ली से संचालित होगी। उन्होंने कहा कि जो भी अगला मुख्यमंत्री होगा, वह जनता की पसंद नहीं बल्कि थोपा हुआ होगा। सैलरी के सवाल पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कल जैसे ही उन्होंने मीडिया में बयान दिया, आज उनकी रुकी हुई सैलरी आ गई। तेजस्वी के इस बयान ने बिहार की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है।

Report - Ranjan kumar