Bihar News : राघव चड्ढा के भाजपा में जाने पर तेजस्वी यादव ने कसा तंज, कहा— 'जो डरा और जो बिका, वह भाजपा में गया'

Bihar News : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा सहित कई सांसदों के भाजपा में जाने पर तेजस्वी यादव ने कहा की जो डर गया. वह बीजेपी में चला गया.......पढ़िए आगे

Bihar News : राघव चड्ढा के भाजपा में जाने पर तेजस्वी यादव ने
बीजेपी का डर - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और कई अन्य सांसदों के भाजपा में शामिल होने की खबरों ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। तेजस्वी यादव ने इसे विचारधारा से समझौता बताते हुए विपक्षी नेताओं के पाला बदलने को 'डर' और 'लालच' का परिणाम करार दिया है।

मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि आज की राजनीति में जो लोग अपनी विचारधारा पर टिके नहीं रह सकते, वे ही भाजपा का दामन थाम रहे हैं। उन्होंने कहा, "राजनीति में अब दो ही तरह के लोग भाजपा की ओर जा रहे हैं—पहले वे जो जांच एजेंसियों के डर से डरे हुए हैं और दूसरे वे जो बिक चुके हैं।" तेजस्वी ने जोर देकर कहा कि जो नेता संघर्ष करने और संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, वे आज भी भाजपा के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं।

तेजस्वी यादव ने आम आदमी पार्टी के भीतर हुई इस टूट को एक गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा जैसे नेताओं को यह सोचना चाहिए कि जिस विचारधारा के साथ उन्होंने राजनीति शुरू की थी, आज उससे समझौता क्यों किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा जांच एजेंसियों (ED-CBI) का डर दिखाकर विपक्षी दलों को तोड़ने का काम कर रही है, और जो लोग इस दबाव को नहीं झेल पा रहे, वे आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

इस दौरान तेजस्वी ने राघव चड्ढा के उस समय के प्रवास का भी जिक्र किया जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जेल में थे। तेजस्वी ने कहा कि लोग सब देख रहे हैं कि कौन किस समय कहां था और किसके साथ खड़ा था। उन्होंने कहा कि जनता अब नेताओं की असलियत पहचान रही है कि कौन अवसरवादी है और कौन वास्तव में सिद्धांतों की राजनीति कर रहा है।

अंत में तेजस्वी यादव ने विपक्षी एकता और संघर्ष की बात करते हुए कहा कि इस तरह के झटकों से लड़ाई कमजोर नहीं होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि देश का संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई जारी रहेगी और जो लोग संघर्ष के रास्ते पर अडिग हैं, वे ही अंततः सफल होंगे। तेजस्वी के इस बयान ने विपक्षी खेमे में जारी आंतरिक कलह और भाजपा के बढ़ते प्रभाव के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।