Bihar Diwas 2026: बिहार दिवस समारोह का 16 वर्षों में पांच गुना बढ़ा बजट, उन्नत बिहार-उज्ज्वल बिहार' की थीम पर हो रहा भव्य आयोजन
PATNA : बिहार की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक 'बिहार दिवस' अपने 114वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री के विजन के साथ पिछले 16 वर्षों में इस आयोजन का दायरा लगातार विस्तृत हुआ है, जिसका सीधा असर इसके बजट पर भी दिखा है। वर्ष 2010 में महज 3 करोड़ रुपये के सीमित बजट के साथ शुरू हुआ यह सफर आज 2026 में 15 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। संसाधनों में हुई यह पांच गुना वृद्धि राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत बिहार की अस्मिता को वैश्विक पटल पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजन के वित्तीय सफर पर नजर डालें तो 2010 से 2015 के शुरुआती वर्षों में यह खर्च 3 से 5 करोड़ रुपये के बीच सीमित था। समय के साथ आयोजन का स्वरूप बदला और 2019 से 2022 के कालखंड में यह आंकड़ा 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले दो वर्षों (2023-2025) में बजट 12 करोड़ रुपये रहा, जिसे इस वर्ष यानी 2026 में बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि बजट में यह बढ़ोतरी आयोजन की गुणवत्ता, कलाकारों की भागीदारी और तकनीक के समावेश के कारण आवश्यक हो गई थी।
बिहार दिवस का हर साल का आयोजन किसी न किसी सार्थक संदेश या 'थीम' को समर्पित रहता है। पूर्व के वर्षों में जहां 'शराबबंदी' (2016-17) और 'जल-जीवन-हरियाली' (2022-24) जैसी थीम ने सामाजिक परिवर्तन का संदेश दिया, वहीं 2025 में 'उन्नत बिहार, विकसित बिहार' पर जोर रहा। इस वर्ष 2026 के लिए सरकार ने 'उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार' की थीम निर्धारित की है। इस थीम के माध्यम से राज्य की आगामी प्राथमिकताओं, जैसे युवा सशक्तिकरण, आधुनिक बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण को जनता के सामने लाने का लक्ष्य रखा गया है।
राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जहां तीन दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कला प्रदर्शनियों और विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की धूम रहेगी। कार्यक्रम के दौरान राज्य की समृद्ध विरासत के साथ-साथ पर्यटन और समावेशी विकास की झांकियां भी देखने को मिलेंगी। 2020-21 के कठिन दौर में डिजिटल माध्यमों से जुड़े रहने के बाद, अब यह आयोजन फिर से अपने पूरे भौतिक वैभव के साथ जमीन पर उतरा है, जिसमें देश-दुनिया के विख्यात कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
सरकार का मूल उद्देश्य इस मंच के जरिए न केवल राज्य की उपलब्धियों का जश्न मनाना है, बल्कि निवेश और पर्यटन के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करना भी है। बिहार दिवस के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसरों और राज्य की बदलती छवि को प्रदर्शित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह आयोजन केवल एक सरकारी उत्सव नहीं बल्कि करोड़ों बिहारवासियों के गौरव का संगम है, जो राज्य के स्वर्णिम भविष्य की नींव को और मजबूत करने का काम करता है।