Bihar News : पीएमसीएच में 500 बेड वाला तीसरा ब्लॉक बनकर हुआ तैयार, इस दिन से होगी शुरुआत
Bihar News : पीएमसीएच में मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 500 बेड क्षमता वाला तीसरा ब्लॉक तैयार हो गया है।
PATNA : पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त राज्य के साथ-साथ देश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। चिकित्सा संस्थान को अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर आधारभूत संरचना और मरीज केंद्रित सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत पीएमसीएच को 5,462 बेड क्षमता वाले विश्वस्तरीय अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है। लगभग 5,544 करोड़ रुपये की इस पुनर्विकास परियोजना के माध्यम से अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं, मेडिकल शिक्षा, आधुनिक जांच सुविधाओं, क्रिटिकल केयर, इमरजेंसी व्यवस्था और मरीजों की सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। परियोजना का निर्माण तीन चरणों में किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आधुनिक अस्पताल भवनों के साथ विभिन्न चिकित्सा विभागों के लिए अत्याधुनिक ओपीडी, इंडोर सुविधाएं, ICU, ऑपरेशन थिएटर, ट्रॉमा सेंटर, आधुनिक जांच केंद्र, मेडिकल उपकरण, नर्सिंग सुविधाएं, मल्टीलेवल पार्किंग, सेंट्रल यूटिलिटी सिस्टम, आधुनिक विद्युत व्यवस्था और डेडिकेटेड पावर ग्रिड जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
पहले चरण में शुरू हुईं कई महत्वपूर्ण सुविधाएं
पीएमसीएच पुनर्विकास परियोजना के पहले चरण में दो नए टावरों में लगभग 1117 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां विभिन्न चिकित्सा विभागों के लिए ओपीडी और इंडोर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। गंभीर मरीजों के बेहतर उपचार के लिए 65 ICU बेड और 44 पोस्ट ICU बेड की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 100 प्राइवेट रूम, 10 डीलक्स रूम और 2 सुपर डीलक्स सुइट बनाए गए हैं। मरीजों को व्यवस्थित उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ENT, बाल रोग, मेडिसिन, हृदय रोग, सर्जरी, स्त्री रोग, त्वचा एवं चर्म रोग, दंत चिकित्सा, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन, ऑर्थोपेडिक्स और नेत्र रोग सहित विभिन्न विभागों की सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है।
अगस्त में 52 हजार से अधिक मरीज पहुंचे OPD में
पीएमसीएच में बढ़ती सुविधाओं और मरीजों के विश्वास का असर अस्पताल के क्लिनिकल आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। अगस्त 2026 में पीएमसीएच के ओपीडी में कुल 52,059 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। प्रतिदिन औसतन करीब 2,479 मरीजों ने ओपीडी सेवा का लाभ लिया। अगस्त महीने में त्वचा एवं कुष्ठ रोग विभाग की ओपीडी में सबसे अधिक 10,584 मरीज पहुंचे। इसके बाद मेडिसिन विभाग में 9,634 मरीज, ENT विभाग में 5,407 मरीज, हड्डी रोग विभाग में 4,122 मरीज और नेत्र रोग विभाग में 3,230 मरीजों का इलाज किया गया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओपीडी में भी 2,633 मरीजों ने चिकित्सा सुविधा प्राप्त की। अगस्त माह में अस्पताल में 12,282 मरीज भर्ती हुए, जबकि 4,015 मरीजों को इमरजेंसी सेवा के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराया गया। इस दौरान 2,54,053 पैथोलॉजी जांच, 9,287 एक्स-रे और 5,648 अल्ट्रासाउंड जांच की गई।
मरीजों की गंभीरता के अनुसार लागू होगा ट्रायज सिस्टम
पीएमसीएच इमरजेंसी में मरीजों को बेहतर एवं त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के लिए सितंबर के अंतिम सप्ताह से ट्रायज सिस्टम लागू किया जाएगा। इसमें मरीजों की गंभीरता के आधार पर लाल, पीला और हरा श्रेणी के बेड निर्धारित होंगे। गंभीर मरीजों को प्राथमिकता से उपचार मिलेगा। हृदय रोग, न्यूरो सर्जरी, मेडिसिन, ट्रॉमा, ऑर्थोपेडिक, प्लास्टिक एवं बर्न सर्जरी सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उपलब्ध रहेगी।
अमृत फार्मेसी में सस्ती दवा और सर्जिकल सामान
पीएमसीएच में मरीजों की सुविधा के लिए अमृत फार्मेसी को नए स्थान पर शुरू किया गया है। अब अस्पताल परिसर में ही मरीजों और परिजनों को सस्ती दरों पर आवश्यक दवाएं एवं सर्जिकल सामान उपलब्ध होंगे। नया केंद्र सर्जिकल भवन, इमरजेंसी और पुराने इमरजेंसी भवन के बीच स्थापित किया गया है। इसका संचालन भारत सरकार के उपक्रम एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
बढ़ेंगी बच्चों के इलाज की सुविधाएं, 1000 बेड के रैन बसेरा का भी निर्माण
पीएमसीएच में बच्चों के बेहतर इलाज के लिए नीकू (NICU) और पीकू (PICU) सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। नीकू बेड क्षमता 58 से बढ़ाकर 78 की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मरीजों के लिए अलग पंजीयन एवं दवा काउंटर की व्यवस्था की गई है। मरीजों और परिजनों के लिए 1000 बेड के रैन बसेरा निर्माण की पहल भी जारी है।
आधुनिक सर्जरी से मरीजों को मिल रही बेहतर सुविधा
पीएमसीएच में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का उपयोग लगातार बढ़ाया जा रहा है। अस्पताल में टेंडन ट्रांसफर जैसी जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। महिलाओं के उपचार के लिए लैप्रोस्कोपिक और एंडोस्कोपिक सर्जरी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। पहली बार बिना बड़े चीरे के लैप्रोस्कोपिक विधि से गर्भाशय निकालने जैसी आधुनिक सर्जरी भी सफलतापूर्वक की गई है। वहीं, अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने के मद्देनजर हाई लेवल ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। एक छत के नीचे आधुनिक जांच सुविधाएं: पीएमसीएच के नए भवन में सेंट्रलाइज्ड रेडियोलॉजी सिस्टम शुरू किया गया है। इसके माध्यम से मरीजों को एक ही स्थान पर सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन जांचों को पटना एम्स की तुलना में 25 प्रतिशत कम शुल्क पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
500 बेड वाला तीसरा ब्लॉक तैयार, सितंबर अंत तक होगा चालू
पीएमसीएच में मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 500 बेड क्षमता वाला तीसरा ब्लॉक तैयार हो गया है। नौ मंजिले इस भवन को सितंबर के अंतिम सप्ताह तक शुरू करने की तैयारी है। यहां ओपीडी, इमरजेंसी, ट्रायज, जांच और दवा वितरण जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। रजिस्ट्रेशन के बाद मरीज सीधे ओपीडी पहुंच सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर सुविधा मिलेगी।
पीएमसीएच में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निर्देश
स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि द्वारा पीएमसीएच में समय-समय पर निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। हालिया समीक्षा बैठक में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र मरीजों को लाभ पहुंचाने तथा इमरजेंसी मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने देने का निर्देश दिया गया। चिकित्सकों को NMC मानकों के अनुरूप सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में उपस्थित रहने और इमरजेंसी वार्ड में प्रतिदिन दो बार मरीजों का राउंड करने को कहा गया। साथ ही रिक्त चिकित्सकीय पदों को शीघ्र भरने तथा दवा एवं अन्य व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए अमृत फार्मा से बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देना सरकार की प्राथमिकता : स्वास्थ्य मंत्री निशांत
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि पीएमसीएच बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था का एक प्रमुख संस्थान है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा तकनीक, गुणवत्तापूर्ण उपचार, बेहतर जांच सुविधा, इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर तथा मरीज केंद्रित सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि पीएमसीएच का पुनर्विकास केवल अस्पताल की क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य इसे ऐसा आधुनिक चिकित्सा संस्थान बनाना है जहां बिहार के मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर, सुलभ और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य पीएमसीएच को आधुनिक तकनीक, बेहतर उपचार व्यवस्था, मजबूत इमरजेंसी सिस्टम और मरीज अनुकूल सेवाओं के साथ देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में स्थापित करना है।