पटना में दर्दनाक हादसा: गंगा में डूबने से 8वीं काे छात्र की मौत, घर वालों को बिना बताए नहाने गए थे दो दोस्त
Patna : राजधानी पटना से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां दीघा थाना क्षेत्र के जनार्दन घाट पर रविवार की सुबह गंगा स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। गंगा में दो नाबालिग बच्चे डूब गए। जिसमें एक को स्थानीय लोगों द्वारा बचा लिया गया, जबकि दूसरा गंगा की तेज धार में लापता हो गया। जिसकी खोजबीन के बाद लाश बरामद हुई है।
घर से बिना बताए पहुंचे से गंगा में नहाने
बताया जा रहा है कि खाजपुरा इलाके के रहने वाले दो नाबालिग स्कूली छात्र परिजनों को बिना बताए घर से निकले थे। छुट्टी का दिन होने के कारण दोनों मौज-मस्ती के लिए गंगा नदी पहुंचे थे, लेकिन नहाने के दौरान गहराई का अंदाजा न होने की वजह से दोनों छात्र गहरे पानी में समाने लगे। घटना के समय घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों ने जैसे ही बच्चों को डूबते देखा, वे तुरंत उनकी जान बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। लोगों की सूझबूझ और तत्परता से एक बच्चे को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दूसरा बच्चा गंगा की तेज लहरों और गहराई में लापता हो गया। बचाए गए बच्चे की हालत स्थिर है, लेकिन अपने दोस्त को आंखों के सामने डूबता देख वह गहरे सदमे में है।
मृतक छात्र की पहचान बेली रोड निवासी हर्ष के रूप में हुई है, जो आठवीं कक्षा में पढ़ता था। हर्ष के साथ मौजूद उसके दोस्त एमी ने बताया कि रविवार की छुट्टी होने के कारण वे सुबह करीब 9:30 बजे चुपके से नहाने के लिए जनार्दन घाट आए थे। नहाने के दौरान हर्ष अचानक अपना संतुलन खो बैठा और गहरे पानी की ओर चला गया, जिसके बाद वह देखते ही देखते डूब गया।
दो घंटे के मशक्कत के बाद बरामद हुई लाश
हादसे की जानकारी मिलते ही दीघा थाना पुलिस, स्थानीय गोताखोर और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। लापता छात्र की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत और सर्च ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने हर्ष का शव गंगा नदी से बरामद कर लिया। शव मिलते ही घाट पर मौजूद परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई।
फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और वे परिजनों से पूछताछ कर रहे हैं। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर मानसून और छुट्टी के दिनों में गंगा घाटों पर बरती जाने वाली लापरवाही और सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अनिल की रिपोर्ट