सुपौल में दर्दनाक हादसा: अनियंत्रित होकर पलटा ट्रैक्टर, मलबे में दबकर वार्ड पंच की मौके पर ही मौत

सुपौल में दर्दनाक हादसा: अनियंत्रित होकर पलटा ट्रैक्टर, मलबे
मलबे में दबकर वार्ड पंच की मौत- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के छातापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर वार्ड एक में रविवार की सुबह एक हृदयविदारक सड़क हादसा हुआ। इस घटना में गांव के सक्रिय और मिलनसार वार्ड पंच सुशील मुखिया की जान चली गई। हादसे की खबर मिलते ही पूरे रामपुर गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग इस घटना को गांव के लिए एक बड़ी क्षति मान रहे हैं, क्योंकि सुशील मुखिया अपनी सामाजिक सक्रियता के लिए जाने जाते थे।


जानकारी के अनुसार, सुशील मुखिया रविवार की सुबह किसी जरूरी काम के सिलसिले में अपना ट्रैक्टर लेकर घर से निकले थे। अभी वे रास्ते में ही थे कि अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि सुशील मुखिया को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे ट्रैक्टर के भारी-भरकम मलबे के नीचे दब गए। तेज आवाज सुनकर मौके पर दौड़े ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।


घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। सूचना पाकर छातापुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ कर हादसे के कारणों की जानकारी ली और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हादसा किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ या सड़क की स्थिति इसके लिए जिम्मेदार थी।


स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुशील मुखिया एक बेहद जिम्मेदार जनप्रतिनिधि थे। वार्ड पंच के रूप में वे हमेशा अपने वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहते थे। उनकी मिलनसार छवि के कारण गांव का हर व्यक्ति उनसे जुड़ा हुआ था। उनकी असामयिक मृत्यु से न केवल उनके परिवार का सहारा छिन गया है, बल्कि रामपुर गांव ने भी अपना एक कर्मठ सेवक खो दिया है। घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।


फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टरों के सुरक्षित परिचालन और सड़क सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को उचित प्रक्रिया के तहत सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। गांव वालों ने मांग की है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में किसी और को अपनी जान न गंवानी पड़े।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट