Bihar Politics: उपेंद्र कुशवाहा आज लेंगे बड़ा फैसला, RLM में टूट की अटकलों के बीच डैमेज कंट्रोल की तैयारी, इनको मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
Bihar Politics: उपेंद्र कुशवाहा आज बड़ा फैसला लेंगे। रालोमो में टूट की अटकलों के बीच डैमेज कंट्रोल करने की तैयारी में पार्टी है। माना जा रहा है कि आज बडे़ नेता को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा और 4 प्रत्याशियों ने जीत हासिल किया। जिसके बाद उपेंद्र कुशवाहा ने आपनी पार्टी की ओर से अपने बेटे को बिहार सरकार में मंत्री पद दिलवाया। इसके बाद से ही रालोमो में टूट की खबर सामने आ रही है। रामोलो के विधायकों के पार्टी छोड़ने की खबर लगातार सुर्खियों में थी। इसी बीच अब जानकारी सामने आ रही है कि उपेंद्र कुशवाहा आज यानी शुक्रवार को अहम फैसला ले सकते हैं। उपेंद्र कुशवाहा अपने पार्टी का डैमेज कंट्रोल करने के लिए आज बड़ा ऐलान करने वाले हैं। बता दें कि, उपेंद्र कुशवान ने अपने बेटे को मंत्री बनाया जबकि ना ही उनका बेटे एमएलए है और ना ही एमएलसी। ऐसे में इस बात को लेकर उनके पार्टी विधायकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही थी।
उपेंद्र कुशवाहा करेंगे बड़ा ऐलान
सूत्रों की मानें तो उपेंद्र कुशवाहा आज अपनी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा कर सकते हैं। दरअसल, पार्टी नेतृत्व ने दिनारा से विधायक आलोक सिंह को RLM का बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति जता दी है। इसी फैसले का औपचारिक ऐलान करने के लिए आज उपेंद्र कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। माना जा रहा है कि यह फैसला पार्टी में चल रही नाराजगी को खत्म करने और डैमेज कंट्रोल की रणनीति का हिस्सा है।
पटना बैठक में बनी सहमति
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में पटना में RLM के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से पार्टी के वरिष्ठ नेता माधव आनंद और आलोक सिंह ने मुलाकात की थी। इसी बैठक में संगठनात्मक पुनर्गठन को लेकर चर्चा हुई और आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति बनी। फिलहाल माधव आनंद विधानसभा में RLM विधायक दल के नेता हैं, जबकि उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा पार्टी की सचेतक हैं। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी आलोक सिंह को देकर पार्टी में नेतृत्व संतुलन साधने की कोशिश साफ नजर आ रही है।
डैमेज कंट्रोल की तैयारी
बता दें कि, लोकसभा चुनाव के दौरान रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष मदन चौधरी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। वहीं तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रमेश कुशवाहा जदयू में शामिल हो गए थे। वहीं बेटे को मंत्री बनाए जाने के फैसले के बाद विधायक नाराज चल रहे थे ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा विधायक दल के नेता माधव आनंद और विधायक आलोक सिंह को नई जिम्मेदारी देने की तैयारी में हैं।
शाहाबाद में राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की तैयारी
आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का फैसला केवल संगठनात्मक नहीं, बल्कि रणनीतिक भी माना जा रहा है। आलोक सिंह शाहाबाद क्षेत्र से आते हैं, जहां RLM अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है। साथ ही इसे जातीय संतुलन साधने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है। उपेंद्र कुशवाहा जहां कुशवाहा समाज से आते हैं, वहीं आलोक सिंह राजपूत समुदाय से हैं। ऐसे में कुशवाहा–राजपूत समीकरण के जरिए पार्टी अपने सामाजिक आधार का विस्तार करना चाहती है।
पटना से नरोत्तम की रिपोर्ट