बिहार के 'वंडर बॉय' वैभव सूर्यवंशी पर धनवर्षा: वर्ल्ड कप जीत के बाद बने इस कंपनी के ब्रांड एंबेसडर, BCCI ने खोला खजाना

अंडर-19 विश्व कप में अपने बल्ले से 'चक्रवात' लाने वाले बिहार के लाल वैभव सूर्यवंशी अब विज्ञापनों की दुनिया के नए चमकते सितारे बन गए हैं। 14 साल की उम्र में 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने वाले वैभव को दिग्गज ब्रांड 'कंप्लान' ने अपना ब्रांड एंबेसडर ब

बिहार के 'वंडर बॉय' वैभव सूर्यवंशी पर धनवर्षा: वर्ल्ड कप जीत

Patna - : भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम की इंग्लैंड पर ऐतिहासिक जीत के बाद बिहार के लाल वैभव सूर्यवंशी की किस्मत के सितारे बुलंदी पर हैं। मैदान पर अपने बल्ले से कोहराम मचाने वाले वैभव अब विज्ञापनों की दुनिया में भी छा गए हैं। मशहूर हेल्थ सप्लीमेंट ब्रांड 'कंप्लान' (Complan) ने वैभव को अपना नया ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है। छोटे बच्चों को ताकत और विकास का दावा करने वाले इस प्रतिष्ठित ब्रांड के साथ वैभव का जुड़ना उनकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।

ब्रांड एंडोर्समेंट में मिली बड़ी रकम 

मैदान के भीतर पावर हिटिंग के लिए मशहूर वैभव सूर्यवंशी अब मैदान के बाहर भी बड़ी कमाई कर रहे हैं। हालांकि कंप्लान के साथ हुई इस डील की आधिकारिक राशि का खुलासा अभी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों और बाजार विशेषज्ञों के अनुसार उन्हें इस अनुबंध के लिए लगभग 60 से 70 लाख रुपये मिलने की संभावना है। 14 साल की बेहद कम उम्र में किसी खिलाड़ी के लिए इतना बड़ा एंडोर्समेंट हासिल करना भारतीय खेल जगत में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

BCCI और क्रिकेट संघों द्वारा सम्मान 

वैभव की सफलता के बाद केवल ब्रांड ही नहीं, बल्कि क्रिकेट बोर्ड भी उन पर मेहरबान हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने विश्व विजेता अंडर-19 टीम के लिए 7.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम इनामी राशि की घोषणा की है। वहीं, बिहार क्रिकेट संघ (BCA) के अध्यक्ष हर्ष वर्धन ने वैभव के प्रदर्शन को ऐतिहासिक बताते हुए इसे बिहार के लिए गर्व का क्षण कहा है। 8 फरवरी को मुंबई में होने वाले सम्मान समारोह के बाद बिहार में भी उनके भव्य स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं।

संघर्षों की नींव पर टिकी सफलता 

वैभव की इस चमचमाती सफलता के पीछे उनके पिता संजीव सूर्यवंशी का सालों का कड़ा संघर्ष और त्याग छिपा है। एक पुराने इंटरव्यू में उनके पिता ने भावुक होते हुए बताया था कि बेटे के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी थी। उन्होंने बिहार क्रिकेट संघ के पूर्व अध्यक्ष राकेश तिवारी का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने वैभव की प्रतिभा को पहचान कर उसे सही मंच प्रदान किया। आज वैभव की कामयाबी ने उस हर संघर्ष को सार्थक कर दिया है।

रिकॉर्ड्स और खिताबों की बौछार 

14 साल की उम्र में वैभव ने वो मुकाम हासिल कर लिया है जो कई क्रिकेटरों के लिए महज एक सपना होता है। अंडर-19 विश्व कप में 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने वाले वैभव को 'मैन ऑफ द मैच' और 'मैन ऑफ द टूर्नामेंट' के खिताब से नवाजा गया है। उनके दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे जानते थे कि वैभव फाइनल के दिन चक्रवात बनकर आएगा और उसने वास्तव में देश का नाम रोशन कर दिया।

बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा 

वैभव सूर्यवंशी का सफर अब करोड़ों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। उनके पिता संजीव बताते हैं कि वैभव बचपन से ही स्वभाव और खेल दोनों में बेहद आक्रामक रहे हैं। वे महज 10-11 साल की उम्र में ही अंडर-19 के अनुभवी गेंदबाजों की गेंदों पर बड़े शॉट लगाने का हुनर रखते थे। बिहार क्रिकेट संघ का मानना है कि वैभव की यह शुरुआत राज्य से और भी कई प्रतिभाओं को भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।