मुश्किल में बिहार के दो IAS: विजिलेंस ने केस चलाने के लिए राज्य सरकार से मांगी अनुमति, जानें क्या है पूरा मामला

बिहार के दो आईएएस के खिलाफ कानून का शिकंजा कसता हुआ जा रहा है। दोनों के खिलाख केस चलाने के लिए विजिलेंस की टीम ने राज्य सरकार से अनुमति मांगी है।

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Patna - बिहार के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों, अभिलाष शर्मा और योगेश कुमार सागर की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) से मिले अहम सुरागों के आधार पर स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने इन दोनों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। 

एसवीयू ने राज्य सरकार से इन अधिकारियों पर केस चलाने और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की अनुमति मांगी है। जैसे ही सरकार से हरी झंडी मिलेगी, दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

टेंडर के बदले ठेकेदार ने कराया यूरोप का फैमिली टूर

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा 'यूरोप ट्रिप' को लेकर हुआ है। ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि सरकारी टेंडर को 'मैनेज' करने और लाभ पहुंचाने के बदले पटना के हाईप्रोफाइल ठेकेदार रिशु श्री ने इन अफसरों की खूब खातिरदारी की थी। 

सूत्रों के मुताबिक, ठेकेदार ने दोनों आईएएस अधिकारियों और उनके पूरे परिवार को ऑस्ट्रिया समेत अन्य यूरोपीय देशों की सैर कराई और यात्रा का सारा खर्च खुद उठाया। इसे भ्रष्टाचार का एक बड़ा सबूत माना जा रहा है।

घर की छत पर 9 लाख की बागवानी का भी उठाया खर्च 

भ्रष्टाचार की यह कहानी सिर्फ विदेश यात्राओं तक ही सीमित नहीं थी। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि आईएएस अभिलाष शर्मा के निजी आवास की छत पर बागवानी (Gardening) कराने में आए करीब 9 लाख रुपये का खर्च भी ठेकेदार रिशु श्री ने ही चुकाया था। विशेष निगरानी इकाई के एडीजी पंकज दराद ने ईडी से पत्र मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस पत्र के आधार पर ही निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव से कार्रवाई की अनुमति मांगी गई है।

डिजिटल सबूतों ने खोली पोल

इन रसूखदार अधिकारियों के खिलाफ यह मामला तब खुला जब ईडी ने ठेकेदार रिशु श्री के आवास और ठिकानों पर छापेमारी की। वहां से बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल चैट और अन्य दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच में आईएएस अधिकारियों और ठेकेदार के बीच हुए इस 'लेन-देन' के पक्के सबूत मिले। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने स्पेशल विजिलेंस यूनिट को निर्देश दिया कि यह मामला भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का है, इसलिए राज्य एजेंसी इस पर केस दर्ज करे।

देश भर में 9 ठिकानों पर छापे, लाखों कैश बरामद

ठेकेदार रिशु श्री से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के इस नेटवर्क को खंगालने के लिए ईडी ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की थी। जांच एजेंसी ने अहमदाबाद, सूरत, गुरुग्राम और दिल्ली समेत देश भर के 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान लगभग 33 लाख रुपये नकद, कई डिजिटल उपकरण, डायरियां और संवेदनशील दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों ने बिहार की नौकरशाही में व्याप्त भ्रष्टाचार की परतें खोलकर रख दी हैं।