बिहार में बाढ़ की स्थिति पर उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने लिया जायजा, भागलपुर में हालात चिंताजनक
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण भागलपुर में कुछ स्थानों पर तटबंध टूटने की स्थिति सामने आई है। वहां हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। तटबंधों को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर जल संसाधन विभाग की टीम काम कर रही है।
Bihar News : बिहार में नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने गुरुवार को जल संसाधन विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने तटबंधों की स्थिति, कटाव और बचाव कार्यों की जानकारी अधिकारियों से ली। विजय चौधरी ने बताया कि जिन जगहों पर तटबंध टूटने की खबर मिली है, वहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्थिति का जायजा लिया गया है। दक्षिण बिहार में पुनपुन और दरधा नदी के जलस्तर की भी निगरानी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण भागलपुर में कुछ स्थानों पर तटबंध टूटने की स्थिति सामने आई है। वहां हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। तटबंधों को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर जल संसाधन विभाग की टीम काम कर रही है। स्टीमर के माध्यम से मेगा जियो बैग लगाकर कटाव को नियंत्रित करने और तटबंधों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
पटना में खतरे के निशान से ऊपर गंगा
3 सितंबर की सुबह पटना और आसपास के इलाकों में गंगा का जलस्तर कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 49.71 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से करीब 1.11 मीटर ऊपर बह रही है।
वहीं दीघा घाट पर जलस्तर 51.60 मीटर दर्ज किया गया। इसके अलावा गांधी घाट पर जलस्तर 50.21 मीटर दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। पटना के मोकामा स्थित हाथीदह में गंगा का जलस्तर 42.96 मीटर पहुंच गया, जबकि यहां खतरे का निशान 41.76 मीटर है। इस तरह हाथीदह में भी गंगा खतरे के निशान से करीब 1.20 मीटर ऊपर बह रही है।
भागलपुर की स्थिति गंभीर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संसाधन विभाग के सभी अधिकारी और इंजीनियर तटबंधों पर मौजूद हैं। कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से पूरे बिहार की बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से भागलपुर की स्थिति को गंभीर बताया। उनके मुताबिक, वहां बड़े पैमाने पर तटबंधों में कटाव हो रहा है और विभाग की टीम तटबंधों को बचाने में जुटी हुई है।
विजय चौधरी ने कहा कि फिलहाल बाढ़ का मौसम चल रहा है और अक्टूबर के शुरुआती दिनों तक बाढ़ की स्थिति बनी रह सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाला करीब डेढ़ महीना जल संसाधन विभाग और सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण है। इस दौरान तटबंधों की सुरक्षा और बाढ़ नियंत्रण को लेकर विभाग पूरी तरह सक्रिय रहेगा।