Vimal Kumar Murder Case:औरंगाबाद SP के नेतृत्व में 8 सदस्यीय SIT गठित, IG मगध क्षेत्र ने दिए त्वरित जांच के आदेश,जानें जांच के नए पहलू

IG मगध क्षेत्र ने दिए त्वरित जांच के आदेश देहरी-ऑन-सोन कार्यपालक पदाधिकारी हत्याकांड में बड़ा प्रशासनिक कदम। औरंगाबाद SP के नेतृत्व में 8 सदस्यीय SIT गठित। चालक मिथिलेश गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद।

Vimal Kumar Murder Case SIT Team Formed
औरंगाबाद SP के नेतृत्व में बनी 8 सदस्यीय SIT, चालक गिरफ्तार और आलाकत्ल बरामद- फोटो : Reporter

रोहतास जिले के नगर परिषद देहरी-ऑन-सोन (डालमियानगर) में पदस्थापित कार्यपालक पदाधिकारी  विमल कुमार की 01 अगस्त 2026 को हुई निर्मम हत्या के मामले को बिहार पुलिस ने बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया है। मगध क्षेत्र (गयाजी) के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मृतक की पत्नी के लिखित आवेदन पर बारूण थाना में कांड संख्या 312/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रिया तेज कर दी है।


चालक मिथिलेश कुमार गिरफ्तार, आलाकत्ल बरामद

अनुसंधान के दौरान कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वाहन चालक मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी चालक से हुई पूछताछ और उससे प्राप्त तथ्यों के आधार पर हत्याकांड में प्रयुक्त मुख्य हथियार (आलाकत्ल) भी बरामद कर लिया गया है। हालांकि, दर्ज प्राथमिकी में अन्य अज्ञात व्यक्तियों की संलिप्तता का भी स्पष्ट आरोप है। इसी आधार पर पुलिस अन्य संभावित पहलुओं और किसी बड़े षड्यंत्र की संभावना को ध्यान में रखते हुए गहन जांच आगे बढ़ा रही है।


एसपी औरंगाबाद के नेतृत्व में 8 सदस्यीय SIT का गठन

मामले की गंभीरता, संवेदनशीलता तथा निष्पक्ष, वैज्ञानिक एवं त्वरित अनुसंधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक श्री उपेन्द्र नाथ वर्मा के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया है। 8 सदस्यीय इस एसआईटी में एसडीपीओ सदर-2 आदित्य कुमार, बारूण अंचल निरीक्षक परवेज अली, थानाध्यक्ष रंजीत कुमार, डीआईयू सेल के चंद्रहास, देहरी नगर अंचल निरीक्षक अनिल कुमार दुबे, देहरी थानाध्यक्ष राहुल और डीआईयू प्रभारी राजकुमार यादव को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।


वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर समयबद्ध जांच के निर्देश

गठित एसआईटी को निर्देश दिया गया है कि वह स्थानीय पुलिस, डीआईयू, एफएसएल (FSL), तकनीकी शाखाओं तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करे। टीम को उपलब्ध सभी भौतिक, वैज्ञानिक, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का व्यापक विश्लेषण करते हुए समयबद्ध और साक्ष्य-आधारित अनुसंधान पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति या षड्यंत्रकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


भ्रामक सूचनाओं से बचने की अपील और पुलिस का सख्त संदेश

बिहार पुलिस ने आमजनों और मीडिया से अपील की है कि अनुसंधान पूर्ण होने तक किसी भी प्रकार की अपुष्ट अथवा भ्रामक खबरों के प्रसार से बचें। केवल पुलिस द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। पुलिस प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि इस जघन्य अपराध में शामिल प्रत्येक दोषी को कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी।

पटना से रंजीत की रिपोर्ट