Wakf Amendment Bill : वक्फ विधेयक में हुए बड़े पांच बदलाव, जानिए कैसे डालेंगे मुसलमानों पर प्रभाव, समझिये हिंदुओं को क्या फायदा
Wakf Amendment Bill : लोकसभा में वक्फ विधेयक पारित होने के बाद अब राज्यसभा में इसे गुरुवार को पेश किया गया. वहीं इसमें हुए पांच बड़े बदलाव से कई तरह से यह असर डालेगा.

Wakf Amendment Bill : वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 लोकसभा में पारित हो गया. वहीं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को विधेयक राज्यसभा में पेश किया था. लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने बताया था कि यह मुस्लिम समुदाय के हित में है. विधेयक को 288 के मुकाबले 232 मतों से सदन की मंजूरी मिली. इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की बैठक रात लगभग दो बजे तक चली और फिर ध्वनिमत से पारित हो गया. पारित हुए विधेयक में पांच ऐसे बदलाव हुए हैं जिससे इसका बड़ा असर पड़ेगा.
दे सकेंगे कोर्ट में चुनौती
पुराने वक्फ कानून की धारा 40 सबसे खतरनाक थी। इसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भई संपत्ति को फिर चाहे वो प्राइवेट या किसी ट्रस्ट की हो उसे अपनी संपत्ति घोषित कर सकता था। वक्फ बोर्ड का फैसला अंतिम माना जाता था। वक्फ बोर्ड के फैसले के खिलाफ किसी कोर्ट में अपील नहीं की जा सकती थी। लेकि अब ऐसा नहीं होगा। अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति पर दावा करता है तो पहले जांच की जाएगी। अगर वक्फ बोर्ड सबूत पेश नहीं कर पाया तो उसका दावा खारिज हो जाएगा। इसके अलावा अगर कोई संपत्ति वक्फ घोषित हुई है तो इसके खिलाफ 90 दिनों के भीतर हाई कोर्ट में अपील करने की इजाजत भी मिल गई है। यानी पहले वक्फ बोर्ड के खिलाफ सिर्फ वक्फ ट्रिब्यूनल में ही जाया जा सकता था। मगर अब हाई कोर्ट में भी जाया जा सकता है। हिंदुओं की कई सम्पत्तियों और जमीनों पर वक्फ की ओर से दावा करने से पहले विवाद हो चूका है जिसका अब व्यापक हल निकल स्केग्गा.
धर्म परिवर्तन करने वालों पर शिकंजा
जिन लोगों ने हाल ही में धर्म परिवर्तन करके इस्लाम धर्म को अपनाया है। वो लोग अब वक्फ बोर्ड को अपनी संपत्ति दान नहीं कर पाएंगे। पहले लोग लालच, डर या धमकी के कारण धर्म परिवर्तन कर लेते थे। उसके बाद अपनी संपत्ति वक्फ को दान कर देते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
महिलाओं को बड़ा अधिकार
वक्फ अल औलाद के तहत महिलाओं को भी वक्फ की जमीन में उत्तराधिकारी माना जाएगा। इसका मतलब ये है कि जिस परिवार ने अपनी जमीन वक्फ अल औलाद में दान दे दी है। उस जमीन से होने वाली आमदनी केवल उन परिवार के पुरुषों को ही नहीं मिलेगा। बल्कि इस आमदनी में महिलाओं का भी हिस्सा होगा।
ये होंगे ट्रस्टी
वक्फ बोर्ड में मुतवली, वाकिफ, वक्फ सब मुस्लिम ही होंगे, परन्तु यह जरूर देखा जाएगा कि वक्फ की संपत्ति का रखरखाव ठीक से हो रहा है या नहीं। वक्फ बोर्ड का गठन ट्रस्ट एक्ट के तहत हुआ है, जहां ट्रस्टी वह लोग होते हैं जो इस बोर्ड के संचालन को देखेंगे। वे किसी भी धर्म के हो सकते हैं।
ऑनलाइन पोर्टल पर डाटा बेस
वक्फ में दी गई हर जमीन का ऑनलाइन पोर्टल पर डाटा बेस होगा। वक्फ बोर्ड अब इन संपत्तियों के बारे में किसी बात को छिपा नहीं पाएगा। किसी जमीन को किस व्यक्ति ने दान में दिया है। वो जमीन उसके पास कहां से आई। वक्फ बोर्ड को उससे कितने पैसों की आमदनी होती है। उस संपत्ति की देखरेख करने वाले मुतवली को कितनी तनख्वाह मिलती है। ये सारी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल में उपलब्ध करानी होगी।