कोसी बराज से पानी का दबाव बढ़ा, डिस्चार्ज 1.88 लाख क्यूसेक के पार, नदी किनारे सतर्कता बढ़ी

कोसी बराज से पानी का दबाव बढ़ा, डिस्चार्ज 1.88 लाख क्यूसेक क
कोसी बराज से पानी का दबाव बढ़ा- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों और जलग्रहण इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण कोसी नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि दर्ज की जा रही है। इसके चलते मंगलवार को कोसी बराज से पानी का कुल बहाव बढ़कर 1,88,210 क्यूसेक के पार पहुंच गया है। जल संसाधन विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 14 जुलाई की शाम 6 बजे कोसी बराज का डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज (D/S Discharge) अकेले 1,85,310 क्यूसेक मापा गया, जिससे नदी के निचले इलाकों में जलस्तर तेजी से फैलने लगा है।


नहरों में पानी का रेगुलेशन: वेस्टर्न कैनाल में छोड़ा गया 2,900 क्यूसेक पानी

जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बराज पर बढ़ते पानी के दबाव को नियंत्रित करने और सिंचाई आवश्यकताओं को देखते हुए नहरों में पानी का रेगुलेशन किया जा रहा है. इस क्रम में ईस्टर्न कोसी मेन कैनाल (E.K.M.C.) में फिलहाल पानी का डिस्चार्ज पूरी तरह शून्य रखा गया है. दूसरी ओर, वेस्टर्न कोसी मेन कैनाल (W.K.M.C.) में 2,900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इन दोनों नहरों और डाउनस्ट्रीम के बहाव को मिलाकर कोसी बराज से कुल डिस्चार्ज 1,88,210 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया है.


नेपाल के बराह क्षेत्र से भारी आवक, तटबंधों पर बढ़ा दबाव

कोसी नदी में पानी के इस बढ़ते उफान के पीछे नेपाल स्थित बराह क्षेत्र (B.K.S.) से होने वाली भारी पानी की आवक है। मंगलवार की शाम 6 बजे बराह क्षेत्र में 1,15,000 क्यूसेक पानी का तेज बहाव दर्ज किया गया। बराह क्षेत्र से लगातार हो रहे इस पानी के डिस्चार्ज और कोसी बराज पर बढ़ते दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है, तथा नदी किनारे बसे तमाम मैदानी इलाकों में निगरानी काफी बढ़ा दी गई है।


इंजीनियरों को 24 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश, तटबंधों की बढ़ी निगरानी

जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारियों ने बताया कि मानसून के सक्रिय होने के कारण बरसात के इस मौसम में कोसी नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है। मुख्य तटबंधों और गाइड बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फ्लड फाइटिंग फोर्स, संबंधित अभियंताओं (इंजीनियरों) तथा तकनीकी कर्मियों को 24 घंटे संवेदनशील स्थलों पर मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही, नदी के भीतर और किनारे बसे गांवों के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।


प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों में बढ़ी चिंता, प्रशासन रख रहा है पल-पल की नजर

कोसी बराज और बराह क्षेत्र से लगातार बढ़ रहे इस भारी वाटर डिस्चार्ज के कारण कोसी के दियारा और प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं। बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों की ओर भी नजर रखना शुरू कर दिया है। हालांकि, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी सुरक्षात्मक उपायों के साथ बाढ़ नियंत्रण कक्ष से स्थिति पर पल-पल की नजर रखी जा रही है।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट