आय से अधिक संपत्ति मामले में महिला सिपाही बेबी देवी दोषी करार : विशेष अदालत ने सुनाई 5 साल की सजा, लगाया 7.5 लाख का जुर्माना
भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे मुहिम में निगरानी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। विशेष निगरानी न्यायालय ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए मुजफ्फरपुर में तत्कालीन महिला सिपाही बेबी देवी को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई है...
Patna : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुजफ्फरपुर में विशेष निगरानी न्यायालय ने भ्रष्टाचार से जुड़े एक पुराने मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए तत्कालीन महिला सिपाही बेबी देवी को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें पांच साल की कैद और साढ़े सात लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
आय से अधिक संपत्ति का था मामला
निगरानी ब्यूरो द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दोषी महिला सिपाही बेबी देवी मुजफ्फरपुर जिला बल में सिपाही के पद पर तैनात थीं। उनके खिलाफ अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों के चलते निगरानी थाना कांड संख्या 27/2012 दर्ज किया गया था। ब्यूरो की लंबी जांच-पड़ताल और अनुसंधान के दौरान यह खुलासा हुआ था कि बेबी देवी के पास उनकी वैध आय से करीब 35 लाख 42 हजार 955 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति मौजूद थी।
अदालत में मजबूत पैरवी और गवाहों के आधार पर सजा
इस हाई-प्रोपाइल मामले में अनुसंधानकर्ता द्वारा समयबद्ध तरीके से आरोपपत्र (Chargesheet) दाखिल किया गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई। निगरानी ब्यूरो की ओर से की गई प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप विशेष न्यायालय ने आरोपी महिला सिपाही को दोषी करार दिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मिली सजा
विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत आरोपी को 5 साल तक के कारावास और 7 लाख 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा, अन्य धाराओं के अंतर्गत भी तीन-तीन साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान अदालत के आदेश में दर्ज किया गया है। निगरानी ब्यूरो की इस सख्त कार्रवाई को प्रशासनिक हलकों और भ्रष्ट कर्मियों के बीच एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
अनिल की रिपोर्ट