Teacher News: इन शिक्षकों को जल्द मिलने वाली है बड़ी खुशखबरी, मानदेय के लिए नई नियमावली तैयार करने में जुटी सरकार

Teacher News: नियमावली तैयार करने के लिए सचिव, माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। यह समिति एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। रिपोर्ट में सेवा शर्तें, मानदेय निर्धारण और अन्य आवश्यक प्रावधान शामिल होंगे।

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सरकार देगी बड़ी सौगात - फोटो : social media

Teacher News: शिक्षकों के लिए जल्द ही सरकार बड़ी खुशखबरी लाने की तैयारी में है। शिक्षकों को बड़ी सौगात देने के लिए राज्य सरकार ने तैयारी शुरु कर दी है। दरअसल, उत्तर प्रदेश में योगी सरकार वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय दिलाने की दिशा में अहम कदम उठाने जा रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग इनके लिए नई नियमावली तैयार कर रहा है, जिसमें सेवा शर्तों के साथ मानदेय तय किया जाएगा। प्रदेश में वर्तमान में करीब 23 हजार वित्तविहीन माध्यमिक स्कूल हैं, जिनमें चार लाख से अधिक अंशकालिक शिक्षक कार्यरत बताए जाते हैं।

एक माह में देगी कमेटी रिपोर्ट

नियमावली तैयार करने के लिए सचिव, माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। यह समिति एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। रिपोर्ट में सेवा शर्तें, मानदेय निर्धारण और अन्य आवश्यक प्रावधान शामिल होंगे। सरकार का कहना है कि नियमावली लागू होने के बाद स्कूल प्रबंधन की मनमानी पर रोक लगेगी और शिक्षकों को तय मानकों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा में 70-80% योगदान

बताया जाता है कि माध्यमिक शिक्षा में वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों की भागीदारी 70 से 80 प्रतिशत तक है। इस मुद्दे को विधानमंडल में भी उठाया गया था, जिस पर सरकार ने समिति की रिपोर्ट के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री राजीव यादव ने मांग की है कि वित्तविहीन शिक्षकों के लिए मजबूत सेवा नियमावली बनाई जाए और उन्हें सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। उन्होंने नियमावली को शीघ्र जारी करने की अपील की है।

न्यूनतम मजदूरी से भी कम भुगतान

वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों में अंशकालिक शिक्षकों की सेवा शर्तें 10 अगस्त 2001 को जारी शासनादेश के तहत निर्धारित हैं। इसके अनुसार शिक्षकों को कुशल श्रमिक के लिए निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम मानदेय नहीं दिया जाना चाहिए, साथ ही भविष्य निधि और जीवन बीमा जैसी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। हालांकि, जमीनी स्तर पर कई स्कूलों में इन प्रावधानों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है। कुछ संस्थानों में शिक्षकों को मात्र 5,000 से 6,000 रुपये प्रतिमाह तक मानदेय दिए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई नियमावली लागू होने के बाद शिक्षकों को बेहतर वेतन और सेवा सुरक्षा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।