'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर निकाला गया कैंडल मार्च : पीड़ितों को दी गई श्रद्धांजलि, प्रभारी मंत्री और विधायक रहे मौजूद

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'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर निकाला गया कैंडल मार्च- फोटो : अंकित कुमार

Purnia : जिले में 14 अगस्त 2026 को 1947 में हुए भारत के विभाजन और उसकी त्रासदी की याद में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन के तत्वावधान में शहर के आरएनएसॉ चौक से समाहर्णायालय स्थित महानंदा सभागार तक एक भावुक कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों ने हाथ में मोमबत्तियां लेकर विभाजन की पीड़ा को याद किया और शहीदों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।


प्रभारी मंत्री रत्नेश सदा और डीएम-एसपी समेत कई अधिकारी हुए शामिल

कैंडल मार्च में जिले के प्रभारी मंत्री रत्नेश सदा, सदर विधायक विजय खेमका, पूर्णिया के जिलाधिकारी (DM) अंशुल कुमार और पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. शौर्य सुमन विशेष रूप से शामिल हुए। इसके अलावा जिला प्रशासन के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी इस पदयात्रा में भाग लेकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया।


"विभाजन की विभीषिका देश की एकता बनाए रखने की देती है सीख" : प्रभारी मंत्री

इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए जिले के प्रभारी मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि 1947 का देश विभाजन अत्यंत दर्दनाक और भयानक था। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें हमेशा यह याद दिलाता है कि हमें अपने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को हर हाल में बनाए रखना है। इतिहास की यह सबसे बड़ी त्रासदी हमें आपस में एकजुट रहने और देश हित को सर्वोपरि रखने की सीख देती है।


नई पीढ़ी को इतिहास से सीख लेने की जरूरत : सदर विधायक विजय खेमका

सदर विधायक विजय खेमका ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज पूरे देश में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपने प्राण गंवाने पड़े थे। नई पीढ़ी को इस काले इतिहास और इसके पीछे के कारणों से अवगत होना चाहिए ताकि भविष्य में देश की अखंडता पर कभी कोई आंच न आए।


महानंदा सभागार में 2 मिनट का मौन और डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन

कैंडल मार्च के समाहर्णायालय स्थित महानंदा सभागार पहुंचने के बाद एक शोक सभा का आयोजन किया गया। सभागार में उपस्थित सभी अधिकारियों और नागरिकों ने 2 मिनट का मौन धारण कर देश विभाजन के समय हुए भीषण नरसंहार में मारे गए निर्दोष लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही विभाजन की त्रासदी, विस्थापन और मानवीय संघर्षों पर आधारित एक वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री फिल्म) का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।


अंकित की रिपोर्ट