Bihar News:मां कामाख्या महोत्सव में उमड़ा आस्था का सागर, कलश यात्रा से गुंजायमान हुआ नगर, देशभर से जुटेंगे श्रद्धालु
Bihar News: पावन चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस से ही पूर्णिया की पुण्यभूमि पर दिव्य आस्था का अनुपम उत्सव प्रारंभ हो गया है।...
Bihar News: पावन चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस से ही पूर्णिया की पुण्यभूमि पर दिव्य आस्था का अनुपम उत्सव प्रारंभ हो गया है। मां कामाख्या मंदिर प्रांगण में आयोजित राजकीय महोत्सव का शुभारंभ बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह द्वारा फीता काटकर विधिवत संपन्न किया गया। इस अलौकिक अवसर पर संपूर्ण वातावरण भक्तिरस से परिपूर्ण हो उठा। हजारों की संख्या में श्रद्धालु महिलाएँ कलश यात्रा में सम्मिलित होकर नगर परिक्रमा करती हुईं माता के जयघोष से दिशाओं को गुंजायमान करती रहीं। श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह का यह संगम एक अद्वितीय आध्यात्मिक दृश्य प्रस्तुत कर रहा था, मानो स्वयं आदिशक्ति अपने भक्तों के मध्य अवतरित हो गई हों।

लोकमान्यता के अनुसार कामाख्या मंदिर के उपरांत भारत में दूसरा प्रमुख शक्तिपीठ पूर्णिया में अवस्थित है, जहाँ मां कामाख्या विशेष रूप से मंगलवार एवं शुक्रवार को अपने भक्तों को दर्शन देकर उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं। इसी अटूट विश्वास के कारण दूर-दूर से श्रद्धालु यहाँ उपस्थित होकर माता के चरणों में अपनी आस्था अर्पित करते हैं। यह राजकीय महोत्सव विगत तीन वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जिसने अब एक विराट आध्यात्मिक परंपरा का स्वरूप धारण कर लिया है। मंत्री लेशी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार सरकार द्वारा इस महोत्सव को राजकीय समारोह का दर्जा प्रदान कर इसकी महत्ता को और अधिक प्रतिष्ठित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह आयोजन न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक एकता एवं सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।

मंदिर के पुजारी पंडित तिवारी बाबा के अनुसार, इस महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन चंडी पाठ, रामधुन संकीर्तन, भक्ति जागरण एवं संध्या आरती जैसे दिव्य अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, राष्ट्रीय स्तर के सुप्रसिद्ध कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से इस आध्यात्मिक उत्सव को और अधिक गरिमामय बनाएंगे। पूर्णिया का यह मां कामाख्या महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, शक्ति एवं भक्ति का वह महापर्व है, जहाँ प्रत्येक हृदय देवी के दिव्य आशीर्वाद से आलोकित हो उठता है।

रिपोर्ट- अंकित कुमार