Purnea News:बंधक बनाकर मजदूरी कराने और 6 लोगों की जान लेने वाला ठेकेदार पुलिस की गिरफ्त में, SDPO का बड़ा बयान
पूर्णिया के कस्बा थाना क्षेत्र के 40 मजदूरों को आंध्रप्रदेश में बंधक बनाकर मजदूरी कराने वाले मुख्य ठेकेदार गुडलक गिरफ्तार, पत्थर फैक्ट्री में बिना सुरक्षा काम कराने से 6 मजदूरों की मौत हो चुकी है। SDPO बोले "किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा"
बिहार के पूर्णिया जिले से बंधुआ मजदूरी और मानवीय क्रूरता का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ कस्बा थाना पुलिस ने आखिरकार त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। पूर्णिया सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) डॉक्टर गौरव कुमार ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी ठेकेदार 'गुडलक' को जीयनगंज इलाके से दबोचा गया है। गुडलक पर आरोप है कि उसने कस्बा थाना क्षेत्र के लगभग 40 गरीब मजदूरों को बहला-फुसलाकर आंध्र प्रदेश ले गया और वहाँ उन्हें बंधक बनाकर जबरन जानलेवा परिस्थितियों में काम कराया।
आंध्र प्रदेश की पत्थर फैक्ट्री में क्रूरता: फेफड़ों में जमा केमिकल और डस्ट, 30 मजदूर हुए बीमार
पुलिस जांच और एसडीपीओ के बयान के अनुसार, ठेकेदार गुडलक इन मजदूरों को आंध्र प्रदेश के नेमकल स्थित एक पत्थर की फैक्ट्री में ले गया था। वहाँ सुरक्षा के कोई इंतजाम या मानक (जैसे मास्क या वेंटिलेशन) उपलब्ध नहीं थे। मजदूरों से दिन-रात जबरन बंधुआ मजदूरी कराई जाती थी, जिसके कारण काम के दौरान उड़ने वाला पत्थर का घातक पाउडर (डी-डस्ट) और रासायनिक तत्व करीब 30 मजदूरों के फेफड़ों में बैठ गए। इस खतरनाक प्रदूषण की वजह से सभी मजदूर गंभीर रूप से फेफड़े की बीमारी (सिलिकोसिस जैसी स्थिति) के शिकार हो गए।
अब तक 6 लाचार मजदूरों ने तोड़ा दम, 6 की हालत नाजुक; परिजनों ने बयां किया दर्द
इस अमानवीय कृत्य का अंजाम बेहद खौफनाक रहा। इलाज और सुरक्षा के अभाव में अब तक 6 स्थानीय मजदूरों की तड़प-तड़प कर मौत हो चुकी है, जबकि 6 अन्य मजदूर अभी भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं और बेहद गंभीर स्थिति में इलाजरत हैं। पीड़ित परिजनों ने गुडलक समेत तीन ठेकेदारों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि बीमार होने के बावजूद मजदूरों को न तो इलाज की सुविधा दी गई और न ही उन्हें वापस घर लौटने दिया गया, जिससे उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

बयान और आगे की कार्रवाई: फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया पुलिस ने अन्य आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसडीपीओ सदर-2 डॉक्टर गौरव कुमार ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "पीड़ितों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस रैकेट में शामिल अन्य दो ठेकेदारों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"
रिपोर्ट - अंकित कुमार