Samridhi Yatra: नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पहुंची समस्तीपुर, सीएम ने किया 827 करोड़ की 188 योजनाओं का किया उद्घाटन- शिलान्यास
Samridhi Yatra: समृद्धि यात्रा के सियासी मंच से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समस्तीपुर की धरती पर विकास का ऐसा खाका पेश किया, जिसने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी। ...
Samridhi Yatra: समृद्धि यात्रा के सियासी मंच से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समस्तीपुर की धरती पर विकास का ऐसा खाका पेश किया, जिसने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी। गुरुवार को सरायरंजन के नरघोघी स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान से मुख्यमंत्री ने कुल 827 करोड़ रुपये की 188 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर यह संदेश दे दिया कि सत्ता सिर्फ भाषणों से नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरे काम से चलती है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने साफ लहजे में कहा कि सरकार का एजेंडा एक ही है विकास, सुशासन और समावेशी तरक्की। कार्यक्रम में 471 करोड़ रुपये की लागत वाली 71 योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जबकि अधिकारियों के आवास निर्माण समेत अन्य परियोजनाओं पर 20.45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह आंकड़े नहीं, बल्कि आने वाले चुनावी मौसम से पहले सत्ताधारी खेमे की मजबूत सियासी रणनीति माने जा रहे हैं।
नीतीश कुमार ने 10 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय, तीन प्रखंडों में आवासीय परिसरों के साथ कार्यालय, 40 पंचायत सरकार भवन, पुलिस केंद्र में 200 महिला सिपाही बैरक, पूसा, बंगरा और चकमहेसी में महिला सिपाही बैरक निर्माण का शिलान्यास कर प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का ऐलान किया। सियासी जानकार इसे महिला सशक्तिकरण और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार का बड़ा संकेत मान रहे हैं।
ग्रामीण विकास विभाग के तहत 84 करोड़ रुपये की 43 योजनाओं का कार्यारंभ हुआ, जिसमें 42 ग्रामीण सड़कें और एक पुल शामिल हैं। हरपुर सिंघिया से लेकर नत्थूद्वार और बुजुर्गद्वार तक सड़कों का जाल बिछाने की योजना को ग्रामीण वोट बैंक से सीधा संवाद माना जा रहा है। वहीं, करेह नदी के माहेघाट पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल का शिलान्यास क्षेत्रीय संपर्क को नई रफ्तार देगा।
समस्तीपुर आगमन पर मुख्यमंत्री ने दरभंगा को जोड़ने वाली निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण कर अफसरशाही को साफ हिदायत दी काम में सुस्ती नहीं चलेगी। कार्यक्रम स्थल पर लगे विकास स्टॉलों का निरीक्षण कर नीतीश कुमार ने यह भी जता दिया कि सरकार की निगाह हर विभाग पर है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार चौधरी की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और सियासी वजन दिया। कुल मिलाकर, समस्तीपुर से उठा यह विकासी शंखनाद साफ कह रहा है बिहार की राजनीति में अब मुकाबला नारे का नहीं, काम और काग़ज़ पर उतरे करोड़ों के हिसाब का है।