Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के बाद अब छोटे भाई का जलवा! आतिशी शतक ठोककर मचाया तहलका
Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने समस्तीपुर के प्रैक्टिस मैच में 87 गेंदों पर 103 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। उनकी इस पारी में 20 चौके और एक छक्का शामिल रहा।
Vaibhav Suryavanshi: क्रिकेट की दुनिया में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बना चुके वैभव सूर्यवंशी के परिवार से एक और अच्छी खबर सामने आई है। इस बार उनके छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। समस्तीपुर में खेले गए एक प्रैक्टिस मैच में आशीर्वाद ने बेहतरीन शतक लगाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
आशीर्वाद सूर्यवंशी ने 87 गेंदों में 103 रन की शानदार पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने 20 चौके और एक छक्का लगाया। जहां बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी अपनी तेज और विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, वहीं आशीर्वाद ने धैर्य, अच्छी तकनीक और समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए अपना शतक पूरा किया।
आशीर्वाद सूर्यवंशी की शानदार पारी
आशीर्वाद सूर्यवंशी की शानदार पारी की बदौलत टीम का स्कोर 29.5 ओवर में 234 रन तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद आशीर्वाद एक बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आयुष सिंह को कैच दे बैठे। उनका विकेट प्रशांत राज ने लिया। लेकिन इससे पहले वह अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे चुके थे। आशीर्वाद की इस उपलब्धि की जानकारी उनके बड़े भाई उज्ज्वल सूर्यवंशी ने सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर आशीर्वाद की तस्वीरें, वीडियो और स्कोरकार्ड पोस्ट करते हुए उनके पहले शतक की खुशी जाहिर की। भाई की इस सफलता पर उन्होंने हार्ट इमोजी के जरिए अपनी खुशी और गर्व भी व्यक्त किया।
आशीर्वाद के पिता ने क्या कहा?
आशीर्वाद के पिता संजीव सूर्यवंशी ने भी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से बेटे को बधाई दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस तरह वैभव सूर्यवंशी को प्यार और आशीर्वाद मिला है, उसी तरह आशीर्वाद पर भी अपना स्नेह और आशीर्वाद बनाए रखें। गौरतलब है कि इससे पहले संजीव सूर्यवंशी कह चुके हैं कि उनका लक्ष्य अगले दो वर्षों में आशीर्वाद सूर्यवंशी को भी एक बेहतरीन क्रिकेटर के रूप में तैयार करना है। अब समस्तीपुर में खेली गई इस शतकीय पारी के बाद आशीर्वाद ने यह संकेत दे दिया है कि वह भी क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।