तिरंगे में लिपटकर घर लौटा मांझी का लाल: नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई,विधायक रणधीर सिंह ने दी श्रद्धांजलि
पश्चिम बंगाल के मालदा बीएसएफ कैंप में शहीद हुए सारण (छपरा) के लाल, हेड कांस्टेबल अजय कुमार सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। 'भारत माता की जय' और 'अजय सिंह अमर रहें' के नारों के साथ वीर जवान को अंतिम विदाई दी गई।
सारण जिले के मांझी नगर पंचायत (उत्तर टोला) निवासी और पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित बीएसएफ (BSF) कैंप में तैनात हेड कांस्टेबल अजय कुमार सिंह का पार्थिव शरीर शनिवार को जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा, पूरा इलाका गहरे शोक में डूब गया। तिरंगे में लिपटे अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए गांव और आसपास के इलाकों से भारी संख्या में लोग उमड़ पड़े। जैसे ही पार्थिव शरीर घर की चौखट पर पहुंचा, परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया और वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
मालदा बीएसएफ कैंप में गोलीबारी के दौरान हुए शहीद
हेड कांस्टेबल अजय कुमार सिंह पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित बीएसएफ कैंप में हुई गोलीबारी की घटना में देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए थे। मातृभूमि की रक्षा में उनके इस सर्वोच्च बलिदान ने पूरे सारण जिले को गर्व के साथ-साथ गहरे दुख से भर दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अजय कुमार ने अपने प्राण न्योछावर कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है और देश की रक्षा में दिया गया उनका यह योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
विधायक रणधीर सिंह ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों को बंधाया ढांढस
शहादत की सूचना मिलते ही स्थानीय जदयू विधायक रणधीर कुमार सिंह शहीद जवान के आवास पर पहुंचे और पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। विधायक ने कहा कि अजय कुमार सिंह ने अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा, साहस और ईमानदारी से निभाई है। उनका यह महान बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और आने वाली पीढ़ियां उनसे देशभक्ति की प्रेरणा लेती रहेंगी।
'भारत माता की जय' के नारों के साथ अंतिम विदाई
अंतिम यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र 'भारत माता की जय' और 'अजय कुमार सिंह अमर रहें' के देशभक्ति नारों से गूंज उठा। ग्रामीणों ने सड़क किनारे खड़े होकर अपने वीर सपूत पर पुष्प वर्षा की और उन्हें अंतिम विदाई दी। इस अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवान हमेशा लोगों के दिलों में अमर रहते हैं।
सारण से धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट