आधी रात गर्ल्स हॉस्टल में दाखिल होने का आरोप, छात्राओं का फूटा ग़ुस्सा, हंगामे के बाद प्रिंसिपल का ड्राइवर बर्खास्त, कटघरे में सुरक्षा व्यवस्था

Bihar Crime: बिहार के जयप्रकाश विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल से सामने आए गंभीर आरोपों ने छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।...

Saran Girls Hostel Row Driver Sacked After Midnight Entry Al
आधी रात गर्ल्स हॉस्टल में पहुंचा प्रिंसिपल का ड्राइवर - फोटो : social Media

Bihar Crime: बिहार के जयप्रकाश विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल से सामने आए गंभीर आरोपों ने छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज के प्रिंसिपल का ड्राइवर, जो बिजली कर्मी के तौर पर भी कार्यरत था, देर रात हॉस्टल के भीतर पहुंच गया, कमरों में दाखिल हुआ और उनके साथ बदसलूकी की। आरोप है कि विरोध करने पर छात्राओं को मानसिक दबाव में लेने और कार्रवाई की धमकी तक दी गई। मामला तूल पकड़ते ही कॉलेज परिसर में हंगामा मच गया और आखिरकार कॉलेज प्रशासन को आरोपी कर्मचारी नीरज कुमार को सेवा से बर्खास्त करना पड़ा।

छात्राओं के मुताबिक घटना उस वक्त हुई जब आधी रात को ड्राइवर और एक गार्ड गर्ल्स हॉस्टल के कमरों तक पहुंच गए। आरोप है कि सिंगल रूम को डबल करने के नाम पर छात्राओं का सामान बाहर निकालने की कोशिश की गई और इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। छात्राओं का कहना है कि कॉलेज के नियम साफ तौर पर पुरुष कर्मचारियों को गर्ल्स हॉस्टल के कमरों में प्रवेश की इजाज़त नहीं देते, ऐसे में यह पूरी घटना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक और नियमों की खुली अनदेखी है।

घटना के विरोध में छात्राओं और छात्रों ने प्रशासनिक भवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कॉलेज प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न, मनमानी और बीमार छात्राओं के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने जैसे आरोप भी लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

लगातार बढ़ते दबाव और विरोध के बाद कॉलेज प्रबंधन ने आरोपी ड्राइवर को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया। हालांकि, पूरे मामले पर कॉलेज प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। यदि छात्राओं के लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल एक कर्मचारी के कथित आचरण का मामला नहीं होगा, बल्कि छात्रावास की सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और छात्राओं की गरिमा की रक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर प्रश्न भी बन जाएगा। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट और कॉलेज प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।