सासाराम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 10 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को फांसी की सजा

रोहतास जिले की सासाराम कोर्ट ने महिला व बाल अपराध के खिलाफ एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।कोर्ट ने एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या करने के मामले में आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है...

सासाराम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 10 साल की बच्ची से दुष्कर्म
सासाराम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला- फोटो : रंजन कुमार

Sasaram : रोहतास जिले की सासाराम कोर्ट ने महिला व बाल अपराध के खिलाफ एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सासाराम के एडीजे-7 (ADJ-7) सह पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या करने के मामले में आरोपी को फांसी (सजा-ए-मौत) की सजा सुनाई है। कोर्ट के इस सख्त फैसले से अपराधियों में हड़कंप है, वहीं पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है।


तस्वीर दिखाने के बहाने कमरे में ले जाकर की थी हैवानियत

दिल दहला देने वाली यह वारदात 15 नवंबर 2020 को डालमियानगर थाना क्षेत्र के गंगौली गांव में घटित हुई थी। यहाँ रहने वाले आरोपी बलराम सिंह ने अपने ही पड़ोस की रहने वाली एक 10 साल की बच्ची को कुछ तस्वीरें और एल्बम दिखाने के बहाने फुसलाकर अपने कमरे में बुला लिया। कमरे में ले जाने के बाद उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। पकड़े जाने के डर से उसने बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को एक लकड़ी के बक्से में बंद कर दिया था।


स्थानीय लोगों की गवाही और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

वारदात के दिन स्थानीय ग्रामीणों ने आरोपी बलराम सिंह को बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने कमरे की तरफ ले जाते हुए देखा था। जब बच्ची लापता हुई और खोजबीन शुरू हुई, तो ग्रामीणों के इसी इनपुट के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने बक्से से मासूम का शव बरामद कर मामले की गहन तफ्तीश शुरू की थी।


11 गवाहों की गवाही के बाद कोर्ट ने लगाया भारी जुर्माना

सासाराम के सत्र न्यायाधीश-7 (पॉक्सो कोर्ट) की अदालत में स्पीडी ट्रायल के तहत इस मामले की सुनवाई चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में कुल 11 महत्वपूर्ण गवाहों को पेश किया गया। सभी गवाहों के ठोस बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने बलराम सिंह को दोषी पाया। कोर्ट ने फांसी की सजा मुकर्रर करने के साथ ही दोषी पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है, जिसके तहत मृतका की माता को $1,10,000$ (एक लाख दस हजार) रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।


स्पेशल पीपी ने दी मामले की विस्तृत जानकारी

पॉक्सो कोर्ट के स्पेशल पीपी (विशेष लोक अभियोजक) हीरा प्रताप सिंह ने फैसले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह समाज को झकझोर देने वाला एक अत्यंत जघन्य अपराध था। माननीय न्यायालय ने सभी गवाहों और सबूतों को मद्देनजर रखते हुए आरोपी बलराम सिंह को बच्ची के साथ दुष्कर्म, हत्या और शव को छिपाने की धाराओं के तहत दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

रंजन की रिपोर्ट