समृद्धि यात्रा के पांचवें फेज के दूसरे दिन सीएम नीतीश करेंगे सियासी शंखनाद, कैमूर-रोहतास में होगी विकास की बरसात, 780 करोड़ की सौगात से बदलेगी इलाके की तस्वीर

Samriddhi Yatra: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के पांचवें चरण में कैमूर और रोहतास की सरजमीं पर कदम रखेंगे, जहां अवाम को करोड़ों की सौगात देकर सियासी पैगाम भी देंगे तरक्की ही असली एजेंडा है।...

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कैमूर-रोहतास में होगी विकास की बरसात- फोटो : social Media

Samriddhi Yatra: बिहार में आज एक बार फिर विकास का बिगुल बजने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के पांचवें चरण में कैमूर और रोहतास की सरजमीं पर कदम रखेंगे, जहां अवाम को करोड़ों की सौगात देकर सियासी पैगाम भी देंगे तरक्की ही असली एजेंडा है।

24 मार्च की सुबह 11 बजे कैमूर के चैनपुर प्रखंड के नौघड़ा गांव में उतरते ही मुख्यमंत्री करीब 300 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन प्रोजेक्ट्स में बुनियादी ढांचा, तालीम, सेहत और जनकल्याण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं, जो इलाके की तकदीर बदलने का दावा करती हैं। जनसभा में मुख्यमंत्री अपनी हुकूमत की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए विपक्ष पर भी परोक्ष निशाना साध सकते हैं।

इस दौरे की सबसे अहम कड़ी है नौघड़ा में बनने वाला 520 बेड का आवासीय विद्यालय, जिसे खास तौर पर अल्पसंख्यक तबके के तलबा के लिए तैयार किया जा रहा है। यहां लड़के और लड़कियों के लिए बराबर सीटें होंगी और तालीम के साथ रहने, खाने, कपड़े और जूते तक की सहूलियतें मुफ्त दी जाएंगी। इसे सरकार सामाजिक इंसाफ और बराबरी के नजरिए से एक बड़ा कदम बता रही है।

करीब दो घंटे कैमूर में रुकने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे रोहतास के डेहरी पहुंचेंगे, जहां 480 करोड़ रुपये की 308 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास होगा। सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी ये योजनाएं जिले के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने का वादा करती हैं।

जल जीवन हरियाली अभियान के तहत सोन नदी के पानी को शुद्ध कर सासाराम, डेहरी और औरंगाबाद के लाखों लोगों तक साफ पेयजल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना भी इस दौरे का अहम हिस्सा है। दिसंबर 2026 तक इसके पूरा होने और मार्च 2027 तक पूरी तरह चालू होने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री मौके पर पहुंचकर परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेंगे और अधिकारियों को सख्त हिदायत भी दे सकते हैं कि काम तय वक्त और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा हो। यह दौरा सिर्फ विकास योजनाओं का उद्घाटन नहीं, बल्कि आने वाले सियासी समीकरणों के बीच एक मजबूत संदेश भी है कि बिहार की सियासत अब विकास की राह पर आगे बढ़ रही है।