Bihar Crime : ग्रिल फैक्ट्री की आड़ में चल रही मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने किया पर्दाफाश, पिता-पुत्र सहित 3 को किया गिरफ्तार
Bihar Crime : ग्रिल फैक्ट्री की आड़ में चल रहे मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने उद्भेदन किया है. इस मामले में पुलिस ने पिता-पुत्र सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है......पढ़िए आगे
SASARAM : बिहार के रोहतास जिले की पुलिस ने अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। काराकाट थाना क्षेत्र के देव मार्कण्डेय परसर गांव में लोहे का गेट और ग्रिल बनाने की दुकान की आड़ में लंबे समय से अवैध हथियारों का निर्माण और मरम्मत का काला खेल चल रहा था। पुलिस ने इस मामले में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
ग्रिल की दुकान में बनते थे 'मौत के सामान'
रोहतास एसपी रौशन कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि देव मार्कण्डेय परसर गांव निवासी रमाशंकर शर्मा और उसका पुत्र सोनू कुमार अपनी ग्रिल फैक्ट्री की आड़ में हथियारों का अवैध धंधा कर रहे हैं। सूचना के आधार पर बिक्रमगंज एएसपी संकेत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जब छापेमारी की, तो मौके से बड़ी मात्रा में बने और अर्द्ध निर्मित हथियार बरामद हुए।
नेटवर्क का खुलासा: दनवार से सहयोगी गिरफ्तार
पकड़े गए पिता-पुत्र से पूछताछ के बाद पुलिस ने कछवा थाना क्षेत्र के दनवार गांव में छापेमारी कर इनके एक अन्य सहयोगी शशि सिंह को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि शशि सिंह हथियारों की बैरल (नली) बनाने में माहिर था। उसके पास से भी हथियार बनाने के स्प्रिंग और अन्य औजार बरामद किए गए हैं।पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 02 देशी कट्टा, 03 अर्ध-निर्मित देशी कट्टा, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और खोखा के साथ लोहे के पाइप, पिस्तौल के स्प्रिंग, ड्रिल मशीन और हथियार बनाने के अन्य औजार बरामद किया है।
अपराधियों के हथियारों की करते थे मरम्मत
जांच में यह बात सामने आई है कि ये लोग न केवल नए हथियार बनाते थे, बल्कि कुख्यात अपराधियों के पुराने और खराब हथियारों की मरम्मत (रिपेयरिंग) भी करते थे। गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी कई मामलों में जेल जा चुके हैं। एसपी ने बताया कि इस सफलता में काराकाट और कछवा समेत आसपास के कई थानों की पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
रंजन की रिपोर्ट