सासाराम नगर निगम के दावे की खुली पोल, महज एक घंटे की बारिश में जलमग्न हुआ शहर

सासाराम नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा बरसात के दिनों में शहर जलमग्न नहीं होने की दावे का पोल महज एक घंटे की बारिश में ही खुल गया। आज थोड़़ी देर ही हुई बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए.......

सासाराम नगर निगम के दावे की खुली पोल, महज एक घंटे की बारिश म
एक घंटे की बारिश में जलमग्न हुआ शहर- फोटो : रंजन कुमार

Sasaram : रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में मानसून की बारिश ने एक बार फिर नगर निगम और प्रशासनिक दावों की पोल खोल कर रख दी है। यहां महज एक घंटे की तेज बारिश ने शहर के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया है। सबसे बदतर स्थिति सासाराम के अनुमंडल कार्यालय (SDO ऑफिस) परिसर की है, जो पूरी तरह पानी-पानी हो चुका है। परिसर में घुटनों तक पानी भर जाने से पूरा प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है।


सरकारी दफ्तर बने टापू 

इस मूसलाधार बारिश का असर सिर्फ अनुमंडल कार्यालय तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शहर के कई अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय परिसरों में भी भारी जल-जमाव हो गया है। दफ्तरों के बाहर और मुख्य द्वारों पर पानी जमा होने के कारण यहाँ आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग पानी के बीच से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ गई है।


सड़क से नीचे परिसर होने के कारण बढ़ी मुसीबत

कार्यालय परिसरों में हर साल होने वाले इस जल-जमाव की एक मुख्य तकनीकी वजह भी सामने आई है। दरअसल, अनुमंडल कार्यालय समेत कई अन्य सरकारी दफ्तरों के पूरे परिसर मुख्य सड़क के जलस्तर से काफी नीचे बने हुए हैं। यही कारण है कि जब भी तेज बारिश होती है, सड़कों का सारा पानी बहकर इन परिसरों में जमा हो जाता है और देखते ही देखते पूरा इलाका झील में तब्दील हो जाता है।


आज 'मंगलवारको जनता की बढ़ेगी परेशानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति कोई नई नहीं है, बल्कि हर साल उन्हें इसी नारकीय स्थिति से दो-चार होना पड़ता है। चूंकि आज मंगलवार है, और यह दिन सरकारी विभागों में आम जनता के कई जरूरी कामकाज और शिकायतों के निपटारे के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में दूर-दराज के गांवों से पहुंचने वाले फरियादियों और आम लोगों को आज भारी फजीहत झेलनी पड़ेगी।


पानी निकालने की कवायद शुरू

हालांकि, सुबह से ही अनुमंडल कार्यालय परिसर और अन्य प्रभावित जगहों से मोटर पंप के जरिए पानी निकालने की कवायद प्रशासन की ओर से शुरू कर दी गई है। लेकिन पानी की भारी मात्रा को देखते हुए परिसर को पूरी तरह सुखाने में काफी वक्त लगने की उम्मीद है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का कोई स्थाई समाधान निकाला जाए ताकि हर साल होने वाली इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।


रंजन की रिपोर्ट