Sheikhpura Kidnapping: शेखपुरा में 5 साल के बच्चे का अपहरण, व्हाट्सएप पर मांगी 10 लाख की फिरौती

Sheikhpura Kidnapping: शेखपुरा में 5 साल के बच्चे दीपांशु का अपहरण कर लिया गया है। इसके बाद 10 लाख की फिरौती मांगने का आरोप है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जांच जारी।

Sheikhpura Kidnapping
मासूम की किडनैपिंग का खुलासा- फोटो : freepik

Sheikhpura Kidnapping:  बिहार के शेखपुरा जिले के कसार थाना क्षेत्र के बरसा गांव से 5 साल के दीपांशु कुमार के अपहरण का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्चे को 10 लाख रुपये की फिरौती के लिए अगवा किया गया। घटना को एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक बच्चे का कोई पता नहीं चल पाया है।

पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। कसार थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि 6 मई को बरसा गांव निवासी कन्हैया पंडित का 5 वर्षीय बेटा दीपांशु अचानक लापता हो गया था। जांच के दौरान फिरौती मांगने की बात सामने आई, जिसके बाद मामला अपहरण का माना गया।

पुलिस ने 2 लोगों को किया गिरफ्तार

ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस ने बरसा गांव के रहने वाले प्रदीप मांझी और संतोष रविदास को गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस जांच में पता चला है कि बच्चे के पिता के मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज भेजकर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही थी। बताया जा रहा है कि यह मैसेज संतोष रविदास के सिम कार्ड से भेजे जा रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी प्रदीप मांझी है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

बच्चे की तलाश के लिए डॉग स्क्वायड की टीम

9 मई को एसपी बलीराम चौधरी के निर्देश पर बच्चे की तलाश के लिए डॉग स्क्वायड की टीम भी गांव पहुंची थी। पुलिस ने मामले की जांच के लिए तकनीकी और साइबर जांच भी शुरू की है।ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल भी उठाए हैं। उनका आरोप है कि छापेमारी के दौरान पुलिस के पहुंचने की जानकारी पहले ही अपराधियों तक पहुंच गई थी। इसके बाद आरोपियों ने अपना ठिकाना बदल लिया, जिससे पुलिस को परेशानी हुई।

अपहरण के पीछे साइबर अपराध से जुड़े लोगों का हाथ

ग्रामीण सूत्रों के मुताबिक, इस अपहरण के पीछे साइबर अपराध से जुड़े लोगों का हाथ हो सकता है। बताया जा रहा है कि गांव के कुछ गुट साइबर क्राइम में शामिल हैं और पैसों के बंटवारे को लेकर उनके बीच विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद अपहरण की घटना को अंजाम दिया गया।जानकारी के अनुसार, फिरौती के लिए भेजे गए व्हाट्सएप मैसेज का लोकेशन दिल्ली के एक ईंट भट्ठे के आसपास मिला है। पुलिस ने इस सुराग के आधार पर कई जगह जांच की, लेकिन अब तक बच्चे का पता नहीं चल सका है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और बच्चे की तलाश जारी है।