Sheikhpura murder case: शेखपुरा के दीपांशु हत्याकांड का खुलासा, साइबर ठगी के 15 लाख के झगड़े में 5 साल के बच्चे मर्डर

Sheikhpura murder case: शेखपुरा के बरसा गांव में पांच साल के दीपांशु हत्याकांड का खुलासा हुआ है। साइबर ठगी के 15 लाख रुपये के विवाद में बच्चे का अपहरण कर हत्या की गई।

Sheikhpura murder case
शेखपुरा में मासूम की हत्या से सनसनी- फोटो : news4nation

Sheikhpura murder case: शेखपुरा जिले के कसार थाना क्षेत्र के बरसा गांव से लापता हुए पांच साल के बच्चे दीपांशु कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार इस मासूम की हत्या साइबर ठगी के पैसों के विवाद में की गई। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 7 मई 2026 को बरसा गांव के रहने वाले कन्हैया कुमार पंडित ने अपने बेटे दीपांशु कुमार के गायब होने की शिकायत कसार थाना में दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कन्हैया पंडित और कुछ अन्य लोग साइबर ठगी के एक गिरोह से जुड़े हुए थे और नवादा इलाके में साइबर अपराध का नेटवर्क चलाया जा रहा था।

साइबर ठगी से करीब 15 लाख रुपये आए थे

पुलिस के मुताबिक साइबर ठगी से करीब 15 लाख रुपये कन्हैया पंडित के खाते में आए थे। इसी पैसे के बंटवारे को लेकर गिरोह के सदस्यों के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के कारण सुदामा मांझी, अजीत मांझी, संदीप मांझी, गोरे मांझी और दिलखुश मांझी ने मिलकर मासूम दीपांशु का अपहरण किया। पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चे का अपहरण करने के बाद उसी दिन उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को नवादा जिले के कौआकोल थाना क्षेत्र की सुम्मा पहाड़ी पर फेंक दिया गया।

एसआईटी का गठन किया गया था

मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर अजीत मांझी और संदीप मांझी को हिरासत में लिया। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने सुम्मा पहाड़ी इलाके से बच्चे के कपड़े और कंकाल के अवशेष बरामद किए। मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में संतोष मांझी, प्रदीप मांझी, अजीत मांझी और संदीप मांझी शामिल हैं। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दो साइबर ठगी गिरोहों के बीच पैसों और वर्चस्व की लड़ाई में मासूम दीपांशु की जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे बरसा गांव में शोक का माहौल है। बेटे की हत्या की खबर मिलने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

शेखपुरा से उमेश की रिपोर्ट