बिहार में साकार हुआ अटल बिहारी वाजपेयी का सपना, सीएम सम्राट ने किया लिंक चैनल बेलवाधार का लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व० अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से नदी जोड़ (River Interlinking) परियोजनाओं की परिकल्पना की गई थी।

Samrat Chaudhary
Samrat Chaudhary- फोटो : news4nation

Samrat Chaudhary : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड के बेलवा में आयोजित समारोह में बागमती बूढ़ी गंडक नदी जोड़ (River Interlinking) परियोजना के अंतर्गत बेलवा (शिवहर जिला के पिपराही प्रखंड) मीनापुर (मुजफ्फरपुर जिला) लिंक चैनल (बेलवाधार) का लोकार्पण किया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने बेलवा (पिपराही)-मीनापुर लिंक चैनल (बेलवाधार) का निरीक्षण किया।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिवहर जिले के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत की 40 विकास योजनाओं का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इसके अंतर्गत 22 योजनाओं का उद्घाटन तथा 18 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जीविका, उद्योग विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग और बिहार पुलिस के (अभया ब्रिगेड एवं साइबर क्राइम) के स्टॉलों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने शिवहर जिला के 4550 जीविका स्वयं सहायता समूह को 25 करोड़ 35 लाख रूपए का सांकेतिक चेक प्रदान किया।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व० अटल बिहारी वाजपेयी  के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से नदी जोड़ (River Interlinking) परियोजनाओं की परिकल्पना की गई थी। आज प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में बिहार में इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है, जिससे राज्य में समेकित जल संसाधन प्रबंधन को नई दिशा मिल रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल बागमती नदी के अतिरिक्त जल को बूढ़ी गंडक नदी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस परियोजना के शुरू होने से बाढ़ के समय अतिरिक्त जल का प्रबंधन संभव होगा, बाढ़ की तीव्रता में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि लगभग 68.80 किलोमीटर लंबी इस लिंक चैनल परियोजना का निर्माण 130.88 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। यह परियोजना बागमती बाढ़ प्रबंधन योजना का एक महत्वपूर्ण अंग है और इसके माध्यम से क्षेत्र के लाखों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

 सिंचाई क्षमता में वृद्धि

सम्राट चौधरी ने कहा कि इस परियोजना से सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी, कृषि उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आय में इजाफा होगा तथा मत्स्य पालन सहित अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही भू-जल पुनर्भरण, हरित आवरण में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं समग्र प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण और किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। नदी जोड़ परियोजनायें विकसित बिहार की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल हैं और राज्य के सतत् विकास का मजबूत आधार बनेंगी।