Bihar News: जब महादलित बस्ती में पहुंचीं महिला IAS, बच्चों के साथ जलाए दीप, मिठाई और फुलझड़ियों से रोशन कीं गरीबों की दिवाली, भावुक हुए लोग

Bihar News: जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने आलीशान दफ्तरों और औपचारिक कार्यक्रमों से इतर महादलित बस्ती में पहुंचकर गरीब परिवारों के साथ त्योहार मनाया।

IAS  Pratibha Rani Diwali Celebration
डीएम ने महादलित टोले में मनाई दिवाली- फोटो : reporter

Bihar News: दीपावली की जगमगाती रोशनी के बीच कुछ चेहरे ऐसे भी होते हैं, जिनकी जिंदगी में खुशियां दस्तक देने का इंतजार करती रहती हैं। किसी के घर में पकवान बनते हैं, तो किसी के आंगन में दीयों की कतार सजती है। लेकिन त्योहार की असली खूबसूरती तब सामने आती है, जब खुशियों की रोशनी समाज के आखिरी पायदान पर खड़े लोगों तक भी पहुंचती है। शिवहर की जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने इस दीपावली कुछ ऐसा ही भावुक कर देने वाला संदेश दिया। उन्होंने आलीशान दफ्तरों और औपचारिक कार्यक्रमों से इतर महादलित बस्ती में पहुंचकर गरीब परिवारों के साथ त्योहार मनाया। डीएम को अपने बीच देखकर महिलाओं और बच्चों के चेहरों पर जो मुस्कान खिली, वही इस दीपावली की सबसे खूबसूरत तस्वीर बन गई।


जब डीएम को अपने बीच पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे

शिवहर प्रखंड की सरसोला पंचायत अंतर्गत विशुनपुर किशनदेव गांव स्थित महादलित टोले में जिलाधिकारी प्रतिभा रानी अचानक पहुंचीं। उनके आने की खबर से पूरे टोले में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों के लिए यह पल किसी खास सौगात से कम नहीं था। डीएम ने महिलाओं और बच्चों के साथ मिलकर दीप जलाए और दीपावली की खुशियां साझा कीं।

उन्होंने नन्हे-मुन्ने बच्चों के बीच मिठाइयां और फुलझड़ियां बांटीं। जिन बच्चों के लिए त्योहार की सबसे बड़ी खुशी शायद कुछ मीठा खाने और पटाखों की चमक देखने में छिपी थी, उनके साथ डीएम ने भी उन लम्हों को जिया। बच्चों से आत्मीयता से बातचीत की और उन्हें दीपावली की मुबारकबाद दी। उनके इस अपनत्व ने सरकारी पद और आम लोगों के बीच की दूरी को कुछ देर के लिए मिटा दिया।

डीएम ने दिया इंसानियत और भाईचारे का पैगाम

इस अवसर पर प्रतिभा रानी ने कहा कि दीपावली केवल दीये जलाने और घर सजाने का त्योहार नहीं है, बल्कि प्रेम, प्रकाश और खुशियां बांटने का पर्व है। त्योहार की असली रौनक तभी है, जब समाज के हर वर्ग तक खुशियां पहुंचें और कोई भी व्यक्ति खुद को उपेक्षित महसूस न करे।उन्होंने कहा कि जाति, धर्म और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होना चाहिए। आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारा ही मजबूत समाज की असली बुनियाद है। उनकी इस पहल ने सामाजिक समरसता का खूबसूरत पैगाम दिया।

बच्चों को समझाया शिक्षा का महत्व, सपनों को दी उड़ान

दीपोत्सव के दौरान डीएम ने बच्चों के साथ उनके भविष्य को लेकर भी बातचीत की। उन्होंने उन्हें मन लगाकर पढ़ने, मेहनत करने और जिंदगी में बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षा को सफलता और बेहतर भविष्य की सबसे अहम चाबी बताया।इस मौके पर एसपी मोहिबुल्ला अंसारी भी मौजूद रहे। प्रतिभा रानी की यह पहल सिर्फ एक त्योहार मनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन मासूम चेहरों पर मुस्कान बिखेर गई, जिन्हें अपनापन और सम्मान सबसे ज्यादा खुशी देता है। संदेश साफ था दीपावली का असली दीप वही है, जो किसी दूसरे की जिंदगी में उम्मीद की रोशनी जला दे।
शिवहर से मनोज कुमार की रिपोर्ट