मंत्री निशांत से मुलाकात नहीं करने देने पर भड़के जदयू कार्यकर्ता, लगाए नीतीश-निशांत मुर्दाबाद के नारे

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के सीतामढ़ी दौरे के दौरान उस समय अप्रत्याशित स्थिति पैदा हो गई, जब स्थानीय कार्यकर्ताओं ने 'नीतीश कुमार मुर्दाबाद' और 'निशांत कुमार मुर्दाबाद' के नारे लगाने शुरू कर दिए...

मंत्री निशांत से मुलाकात नहीं करने देने पर भड़के जदयू कार्यक
निशांत के सामने लगे नीतीश मुर्दाबाद के नारे- फोटो : अविनाश कुमार

Sitamarhi : पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र और बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के सीतामढ़ी दौरे के दौरान उस समय अप्रत्याशित स्थिति पैदा हो गई, जब स्थानीय कार्यकर्ताओं ने 'नीतीश कुमार मुर्दाबाद' और 'निशांत कुमार मुर्दाबाद' के नारे लगाने शुरू कर दिए। स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री के कार्यक्रम के दौरान हुए इस विरोध प्रदर्शन से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया।


मुलाकात न कराने से आक्रोशित थे कार्यकर्ता 

विरोध का मुख्य कारण कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य मंत्री से न मिलने देना रहा। गुस्साए कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे अपने नेता का स्वागत करने और उन्हें माला पहनाने के लिए जिला अतिथि गृह पहुँचे थे। आरोप है कि वहाँ मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को अंदर जाने और मंत्री से मिलने से रोक दिया, जिससे क्षोभ में आकर उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी।


प्रतिमा अनावरण हेतु सीतामढ़ी पहुंचे थे स्वास्थ्य मंत्री 

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा का अनावरण करने के आधिकारिक कार्यक्रम के सिलसिले में सीतामढ़ी आए थे। कार्यक्रम के तय समय के अनुसार कार्यकर्ताओं का हुजूम उनसे संवाद करने और स्वागत के लिए एकत्र हुआ था, लेकिन अधिकारियों के कथित ढुलमुल रवैये के कारण यह स्वागत विरोध में बदल गया।


स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा 

हंगामा और नारेबाजी शुरू होते ही मौके पर मौजूद पुलिस बलों और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता दिखाई। अधिकारियों ने आक्रोशित कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया और अतिथि गृह के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी ताकि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में रहे।


संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय पर उठे सवाल 

इस घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर जदयू संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच आपसी तालमेल की कमी को उजागर कर दिया है। जहाँ एक तरफ कार्यकर्ता अपने जनप्रतिनिधि से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक बंदिशों के कारण उपजे असंतोष ने पार्टी के आंतरिक मतभेदों को सतह पर ला दिया है।


अविनाश की रिपोर्ट