Bihar News : पाकिस्तानी गैंगस्टर के इशारे पर भारत में मॉब लिंचिंग कराने की साजिश नाकाम, बिहार पुलिस ने 2 संदिग्ध युवकों को किया गिरफ्तार

Bihar News : सीतामढ़ी पुलिस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर द्वारा भारत में रचे जा रहे बड़े मॉबलिंचिंग की घटना को अंजाम देने वाले मंसूबे को नाकामयाब कर दिया है। जिला पुलिस ने दो संदिग्ध युवक की गिरफ्तारी की है....पढ़िए आगे

Bihar News : पाकिस्तानी गैंगस्टर के इशारे पर भारत में मॉब लि
संदिग्ध युवक गिरफ्तार - फोटो : AVINASH

SITAMARHI : बिहार के सीतामढ़ी जिले में पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और खौफनाक अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश किया है। जिला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पाकिस्तानी गैंगस्टरों द्वारा भारत में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने और बड़ी मॉब लिंचिंग की घटना को अंजाम देने के नापाक मंसूबे को पूरी तरह नाकाम कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है, जो सीधे तौर पर सीमा पार के अपराधियों के संपर्क में थे।

पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान गाढ़ा थाना क्षेत्र के टकोर गांव निवासी मोहम्मद इकलाख और मोहम्मद अरमान के रूप में हुई है। जिला पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, गुप्त सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर की गई त्वरित कार्रवाई में इन दोनों को दबोचा गया। पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जो इस साजिश की कड़ियों को जोड़ने में सबसे अहम सबूत साबित हो रहे हैं।

पुलिस की जांच और गिरफ्तार युवकों के मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी मोहम्मद इकलाख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तान के दो संदिग्ध अकाउंट 'मो. खान जान' और 'मो. राणा' के लगातार संपर्क में था। पुलिस का दावा है कि इन पाकिस्तानी गैंगस्टर्स द्वारा इकलाख को भारत में मॉब लिंचिंग जैसी हिंसक वारदातों को भड़काने और उन्हें अंजाम देने के लिए भारी-भरकम पैसों का लालच दिया जा रहा था। वे इस डिजिटल नेटवर्क के जरिए पूरी तरह पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर काम करने की तैयारी में थे।

पूछताछ और जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि मोहम्मद इकलाख और मोहम्मद अरमान पूर्व में गुजरात की एक सिलाई मशीन बनाने वाली फैक्ट्री में मजदूरी का काम करते थे। दोनों बीते 14 जून 2026 को ही गुजरात से अपने गृह जिला सीतामढ़ी लौटे थे। घर लौटने के बाद से ही वे स्थानीय स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों की योजना बना रहे थे, जिसकी भनक पुलिस को लग गई और समय रहते दोनों को धर-दबोचा गया।

फिलहाल, सीतामढ़ी पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के पास से जब्त किए गए तीनों मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेजा जा रहा है। सोशल मीडिया चैट, कॉल डिटेल्स और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अन्य तकनीकी तथ्यों के विश्लेषण के आधार पर इस मामले में आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अविनाश की रिपोर्ट