सुपौल जिला संतमत सत्संग का 15वां वार्षिक ध्यान अधिवेशन संपन्न: स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने 'योग और कर्म' पर दिए प्रेरणादायक प्रवचन

सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र स्थित सुकमारपुर गौरवगढ़ में दो दिवसीय संतमत सत्संग अधिवेशनसंपन्न हुआ। अधिवेशन में संतमत सत्संग में परम पूज्य स्वामी श्री सत्यानंद जी महाराज ने अपने मुख्य प्रवचन में योग और कर्म के महत्व पर प्रकाश डाला...

सुपौल जिला संतमत सत्संग का 15वां वार्षिक ध्यान अधिवेशन संपन्
सुपौल जिला संतमत सत्संग का 15वां वार्षिक ध्यान अधिवेशन संपन्न- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिला अंतर्गत त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-03 स्थित सुकमारपुर गौरवगढ़ में आयोजित दो दिवसीय संतमत सत्संग का 15वां वार्षिक ध्यान अधिवेशन पूरी श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस आध्यात्मिक आयोजन के दूसरे दिन का मुख्य विषय ‘योग और कर्म’ रखा गया था, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।


स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने बताया— योग का अर्थ मन को स्थिर करना है

अधिवेशन में संतमत सत्संग के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता परम पूज्य स्वामी श्री सत्यानंद जी महाराज ने अपने मुख्य प्रवचन में योग और कर्म के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग का वास्तविक अर्थ केवल शारीरिक आसन करना नहीं है, बल्कि मन को स्थिर और नियंत्रित करना है। मन की स्थिरता से ही बुद्धि शुद्ध होती है और व्यक्ति सही निर्णय लेने में सक्षम बनता है।


ध्यान से तनाव कम होता है और वाणी मधुर बनती है

स्वामी जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि योग मानव जीवन का आधार है। प्रतिदिन नियमित रूप से कुछ समय ध्यान करने से तनाव, क्रोध, चिंता और मानसिक बेचैनी धीरे-धीरे कम होती है। ध्यान का सकारात्मक प्रभाव व्यक्ति के चेहरे, वाणी और व्यवहार पर साफ झलकता है, जिससे उसका स्वभाव शांत और व्यवहार प्रेमपूर्ण बनता है।


कर्मों से ही निर्धारित होता है मनुष्य का भविष्य

कर्म के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वामी सत्यानंद जी ने कहा कि मनुष्य का भविष्य उसके कर्मों से ही तय होता है। केवल पूजा-पाठ करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने विचारों, व्यवहार और कर्मों को भी पवित्र बनाना जरूरी है। माता-पिता की सेवा करना, जरूरतमंदों की मदद करना और सत्य बोलना ही एक सच्चे साधक की पहचान है।


अतिथियों और उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं का हुआ सम्मान

समापन अवसर पर अखिल भारतीय संतमत सत्संग महासभा के जिला सहायक मंत्री डॉ. अमन कुमार द्वारा आयोजन समिति, स्वागत समिति और विभिन्न उपसमितियों के सदस्यों को पीला अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान वार्ड पार्षद शिवराम यादव, पूर्व मुख्य पार्षद जगदीश प्रसाद यादव, डॉ. विजय शंकर चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और साधु-महात्मा उपस्थित रहे।


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट