खुले शौचालय टैंक में गिरने से 7 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत, बांसबाड़ी में लकड़ी चुनने के दौरान हुआ हादसा

खुले शौचालय टैंक में गिरने से 7 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत,
खुले शौचालय टैंक में गिरने से बच्ची की दर्दनाक मौत- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले से एक हृदय विदारक हादसे की खबर सामने आई है, जहाँ खुले और बिना ढक्कन वाले शौचालय टैंक ने एक 7 साल की मासूम बच्ची की जान ले ली। घटना किशनपुर प्रखंड के करहैया पंचायत स्थित अभुआर गांव (वार्ड संख्या-5) की है। मृत बच्ची की पहचान गांव के ही संजय मुखिया की 7 वर्षीया पुत्री जूली कुमारी के रूप में हुई है। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।


जलावन चुनने गई थी मासूम, खुले रिंगनुमा टैंक में फिसला पैर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे जूली कुमारी गांव के पास स्थित एक बांसबाड़ी में सूखी जलावन की लकड़ी चुनने गई थी। उसके साथ गांव की ही एक अन्य बच्ची भी मौजूद थी। लकड़ी बिनने के दौरान वहां बने एक निर्माणाधीन रिंगनुमा शौचालय टैंक, जिस पर ढक्कन नहीं लगा था, में जूली का अचानक पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे व खुले टैंक में जा गिरी।


साथ मौजूद बच्ची ने मचाया शोर, परिजनों के पहुँचने से पहले हो चुकी थी मौत

साथ में मौजूद दूसरी बच्ची ने जूली को गिरते देख ज़ोर-ज़ोर से शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाने की कोशिश की, लेकिन पास में किसी के न होने के कारण तत्काल कोई मदद नहीं मिल सकी। इसके बाद बच्ची दौड़कर जूली के घर पहुँची और परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बदहवास हालत में घटनास्थल पर पहुंचे तथा काफी मशक्कत के बाद बच्ची को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और मासूम की सांसें थम चुकी थीं।


चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी जूली, मां का रो-रोकर बुरा हाल

घटना की खबर मिलते ही मृतका के घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने बताया कि जूली अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। अपनी मासूम बेटी की असमय और दर्दनाक मौत से मां गीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के हर शख्स की आंखें इस दुखद घटना से नम हैं।


परिजन बोले नहीं कराएंगे पोस्टमार्टम, पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर सौंपा शव

घटना की जानकारी मिलते ही किशनपुर थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार ने बताया कि बच्ची की कम उम्र और परिजनों के आग्रह को देखते हुए उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा व अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया और मामले का स्टेशन डायरी में रिकॉर्ड दर्ज कर लिया गया है।


प्रशासन से खुले टैंकों को ढंकने की मांग, ग्रामीणों में आक्रोश

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में ठेकेदारों और मकान मालिकों की लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव-देहात में बिना ढक्कन के छोड़े गए निर्माणाधीन शौचालय टैंक मासूम बच्चों के लिए काल साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी खुले और असुरक्षित टैंकों को चिन्हित कर उन्हें तुरंत ढंकवाने की सख्त हिदायत दी जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को अपना चिराग न खोना पड़े।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट