फर्जी क्लिनिक पर प्रशासन का बड़ा छापा: डॉक्टर फरार, ऑपरेशन के बाद भर्ती मिले 8 मरीज, अस्पताल सील
Supaul : जिले में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और फर्जी क्लिनिकों के खिलाफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-26 स्थित 'रिया पॉली क्लिनिक' पर प्रशासनिक टीम ने अचानक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान क्लिनिक में एक भी डॉक्टर या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं मिला, जबकि विभिन्न ऑपरेशनों के बाद 8 मरीज भर्ती पाए गए। कार्रवाई की भनक लगते ही क्लिनिक संचालक रमेश कुमार दास समेत पूरा स्टाफ मौके से फरार हो गया।
सदर एसडीएम मनोहर साहू के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, बीडीओ, सीओ और स्थानीय पुलिस बल की संयुक्त टीम ने क्लिनिक में दबिश दी। जांच के दौरान क्लिनिक संचालन से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज, निबंधन या योग्य डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। यहाँ तक कि जिन मरीजों का ऑपरेशन किया गया था, उन्हें ऑपरेट करने वाले सर्जन का भी कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं मिला। गंभीर अनियमितताओं और मरीजों की जान जोखिम में देखकर प्रशासन ने तत्काल क्लिनिक को सील कर दिया।
मामले की जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने बताया कि क्लिनिक में भर्ती सभी 8 मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें तत्काल एंबुलेंस से सुपौल सदर अस्पताल में शिफ्ट कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि बिना मानकों और बिना डॉक्टरों के अस्पताल चलाना मरीजों की जान से सीधा खिलवाड़ है। क्लिनिक संचालक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।
वहीं सदर एसडीएम मनोहर साहू ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिले में अवैध रूप से चल रहे फर्जी अस्पतालों और क्लिनिकों के खिलाफ यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई से जिले में अवैध क्लिनिक चलाने वालों में हड़कंप मच गया है।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट