आंगनवाड़ी केंद्र में बिना यूनिफॉर्म पहुंचे सभी बच्चे, निरीक्षण करने पहुंचे बीडीओ ने जताई कड़ी नाराजगी

आंगनवाड़ी केंद्र में बिना यूनिफॉर्म पहुंचे सभी बच्चे, निरीक्
बिना यूनिफॉर्म के बच्चों को देखकर भड़के बीडोओ- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Suapul :  जिले के छातापुर प्रखंड अंतर्गत डहरिया पंचायत स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या-135 में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) डॉ. राकेश गुप्ता और अंचल अधिकारी (सीओ) रवि राज कुमार ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुपालन और बच्चों को मिल रही सुविधाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेना था।


बिना निर्धारित ड्रेस के मिले बच्चे, बीडीओ ने सेविका से मांगा जवाब

निरीक्षण के दौरान केंद्र पर उपस्थित सभी बच्चे विभागीय नियमों के विपरीत बिना निर्धारित यूनिफॉर्म (ड्रेस) के पाए गए। बच्चों को बिना ड्रेस के देखकर बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और मौके पर मौजूद आंगनवाड़ी सेविका से तुरंत जवाब तलब किया कि ड्रेस कोड लागू होने के बावजूद बच्चे बिना ड्रेस के क्यों आ रहे हैं।


सेविका ने दी सफाई: 'ड्रेस दी जा चुकी है, लेकिन बच्चे पहनकर नहीं आते'

बीडीओ के सवालों का जवाब देते हुए सेविका ने अपनी सफाई में बताया कि विभाग की ओर से केंद्र में नामांकित सभी बच्चों को निर्धारित यूनिफॉर्म उपलब्ध करा दी गई है। हालांकि, अभिभावकों और बच्चों को बार-बार समझाने के बाद भी कई बच्चे घर से बिना ड्रेस पहने ही केंद्र आ जाते हैं।


'अनुशासन और समानता के लिए जरूरी है ड्रेस', बीडीओ ने दिए कड़े निर्देश

सेविका की बात सुनने के बाद बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता ने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि विभागीय आदेशों का शत-प्रतिशत पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह छोटे बच्चों में अनुशासन और समानता की भावना विकसित करने का एक प्रमुख माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिया कि अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें जागरूक किया जाए ताकि बच्चे रोजाना ड्रेस में ही केंद्र आएं।


लगातार जारी रहेगा निरीक्षण, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान अंचल अधिकारी रवि राज कुमार, आंगनवाड़ी सहायिका सहित कई अन्य कर्मी उपस्थित थे। अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि प्रखंड क्षेत्र के अन्य आंगनवाड़ी केंद्रों का भी इसी प्रकार औचक निरीक्षण जारी रहेगा। यदि ड्रेस वितरण के बाद भी लापरवाही बरती गई या विभागीय नियमों की अनदेखी हुई, तो संबंधित कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट