डीएम के जनता दरबार में उमड़ी भीड़: जिलाधिकारी ने सुनीं 70 फरियादें, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के सख्त निर्देश

डीएम के जनता दरबार में उमड़ी भीड़: जिलाधिकारी ने सुनीं 70 फर
डीएम के जनता दरबार में उमड़ी भीड़- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय के लहटन चौधरी सभागार में शुक्रवार को आयोजित जिला जनता दरबार में जिलाधिकारी (DM) सावन कुमार ने आम लोगों की समस्याएं अत्यंत गंभीरता से सुनीं। जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूर पंचायतों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी-अपनी समस्याओं से संबंधित कुल 70 आवेदन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। डीएम ने प्रत्येक आवेदन की बारीकी से समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया।


भूमि विवादपेंशन और सरकारी योजनाओं से जुड़े मामले रहे प्रमुख 

जनता दरबार में पहुंचे आम नागरिकों ने मुख्य रूप से भूमि विवाद, राजस्व मामले, अतिक्रमण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क-नाला निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और राशन कार्ड जैसे जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया। जिलाधिकारी ने प्रत्येक आवेदक से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की पूरी जानकारी ली। कई मामलों में डीएम ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों से जवाब-तलब कर तत्काल समाधान की पहल की, जबकि जटिल मामलों में निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।


'जनता दरबार का उद्देश्य त्वरित समाधानलापरवाही बर्दाश्त नहीं': DM 

जिलाधिकारी सावन कुमार ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को त्वरित न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि प्राप्त सभी आवेदनों का पंजीकरण कर संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान कर इसकी लिखित सूचना संबंधित आवेदकों को उपलब्ध करानी होगी। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता के काम में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


विभागों के बीच आपसी तालमेल से काम करने की सलाह 

डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निष्पादन गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष होना चाहिए। जिन मामलों में अंतर-विभागीय समन्वय की आवश्यकता हो, वहां संबंधित विभाग आपसी तालमेल बनाकर काम करें ताकि जनसमस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके।


वरीय प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर उप विकास आयुक्त (DDC) इन्द्रवीर कुमार, निदेशक एनईपी डीआरडीए अनित कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी (गोपनीय शाखा) विकास कुमार कर्ण और वरीय उप समाहर्ता मुकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। उपस्थित सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से जुड़े मामलों पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई और जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जन-शिकायतों के शीघ्र निष्पादन का भरोसा दिलाया।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट