धान अधिप्राप्ति को लेकर सख्त हुए डीएम : 15 जून तक शत-प्रतिशत सीएमआर जमा करने का अल्टीमेटम

Bihar News : सुपौल जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने राइस मिलों द्वारा सीएमआर जमा करने की बेहद धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की...

धान अधिप्राप्ति को लेकर सख्त हुए डीएम : 15 जून तक शत-प्रतिशत
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : धान अधिप्राप्ति और सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) जमा करने की धीमी रफ्तार को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त रुख अपना चुका है। बुधवार को समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिला पदाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारी, प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी तथा विभिन्न राइस मिलों के संचालक और प्रबंधक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


धीमी गति पर डीएम ने जताई नाराजगी

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने राइस मिलों द्वारा सीएमआर जमा करने की बेहद धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समय पर सीएमआर उपलब्ध कराना सभी राइस मिलरों की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने सभी मिल संचालकों को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 15 जून 2026 से पहले हर हाल में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सीएमआर बिहार राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।


आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ता है सीधा असर

जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि धान अधिप्राप्ति राज्य सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए खाद्यान्न की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। ऐसे में यदि सीएमआर जमा करने में अनावश्यक देरी होती है, तो इसका सीधा और प्रतिकूल असर पूरी आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ता है। उन्होंने मिलरों को चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं करने वालों के विरुद्ध कड़ी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


पारदर्शिता और नियमित निगरानी के निर्देश

बैठक में उपस्थित विकास आयुक्त सारा अशरफ ने भी धान अधिप्राप्ति की प्रगति की गहन समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न पैक्सों (PACS) से धान का उठाव, उसकी मिलिंग और फिर सीएमआर जमा करने की पूरी प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करना आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने सभी स्तरों पर नियमित और प्रभावी निगरानी रखने की जरूरत पर विशेष बल दिया।


पैक्सों से समन्वय और भौतिक सत्यापन की हिदायत

बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार एवं खाद्य निगम के जिला प्रबंधक रामबाबू ने सीएमआर की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट पेश की। इसके बाद डीएम ने जिला सहकारिता पदाधिकारी रामबाबू को निर्देशित किया कि सभी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के पैक्सों से समन्वय स्थापित कर धान की आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। साथ ही, गोदामों और पैक्सों में उपलब्ध अवशेष धान का नियमित भौतिक सत्यापन किया जाए ताकि कहीं भी गड़बड़ी या अनियमितता की स्थिति उत्पन्न न हो। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट