मीड-डे-मील में गड़बड़ी और बच्चों को भड़काने के आरोप में प्रधानाध्यापक निलंबित, विभागीय कार्रवाई शुरू

मीड-डे-मील में गड़बड़ी और बच्चों को भड़काने के आरोप में प्रधाना

Suapaul : जिले के मरौना प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोनी अमरदास टोला के प्रधानाध्यापक भगवानी मंडल को मध्याह्न भोजन योजना (MDM) में गंभीर अनियमितता, शैक्षणिक लापरवाही और छात्र-छात्राओं को सरकार व उच्चाधिकारियों के विरुद्ध भड़काने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा विभाग स्थापना द्वारा जारी आदेश के तहत उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।


BEO के औचक निरीक्षण में खुली पोलउपस्थिति पंजी में पाई गई गड़बड़ी

25 जुलाई 2026 को प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, प्रखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) मरौना ने 15 जुलाई को दोपहर करीब 1:30 बजे विद्यालय का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान बच्चे परिसर में भटकते पाए गए और छात्राओं ने बताया कि उन्हें दोपहर तक भोजन नहीं मिला है। इसके अतिरिक्त, छात्र उपस्थिति पंजी में उपस्थिति दर्ज करने के स्थान पर केवल 'डॉट-डॉट' अंकित किया गया था। मामले में दिए गए प्रधानाध्यापक के स्पष्टीकरण को विभाग ने असंतोषजनक पाया।


बच्चों के साथ बैठकर सरकार के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणीऑडियो साक्ष्य सुरक्षित

निलंबन आदेश में प्रधानाध्यापक पर एक अन्य अति-गंभीर आरोप दर्ज किया गया है। विभाग के अनुसार, प्रधानाध्यापक विद्यालय परिसर में बच्चों के साथ बैठकर सरकार एवं विभागीय अधिकारियों के खिलाफ अभद्र व अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते थे। इस बाबत BEO मरौना के पास पुख्ता ऑडियो साक्ष्य सुरक्षित होने की बात कही गई है।


निर्मली BEO कार्यालय बनाया गया मुख्यालयप्रभार सौंपने का निर्देश

बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 की धारा 09 के तहत की गई इस कार्रवाई के बाद निलंबित प्रधानाध्यापक का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालयनिर्मली तय किया गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे विद्यालय का संपूर्ण प्रभार संस्थान के वरीयतम शिक्षक को सौंपकर तुरंत नए मुख्यालय में अपना योगदान सुनिश्चित करें।


धारा 10 के तहत देय होगा जीवन निर्वाह भत्तापृथक से जारी होगा आरोप पत्र

निलंबन अवधि के दौरान निर्धारित मुख्यालय से निर्गत अनुपस्थिति विवरण के आधार पर नियमानुसार धारा 10 के तहत जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) देय होगा, जिसका भुगतान मूल विद्यालय की स्थापना मद से किया जाएगा। शिक्षा विभाग जल्द ही अलग से पृथक आरोप पत्र (Charge Sheet) निर्गत कर मामले की विस्तृत जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट