22 साल के युवक का 'पकड़ौआ विवाह', 15 साल की नाबालिग से जबरन शादी!

बिहार के सुपौल जिले से ‘पकड़ौआ विवाह’ का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शाम को प्रेमिका से मिलने पहुंचे प्रेमी की गांव वालों ने पकड़कर शादी करवा दी.

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22 साल के युवक का 'पकड़ौआ विवाह', 15 साल की नाबालिग से जबरन शादी!- फोटो : news 4 nation

बिहार में दशकों पुरानी 'पकड़ौआ विवाह' की परंपरा एक बार फिर चर्चा में है। ताजा मामला सुपौल जिले के राजेश्वरी थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक युवक को बंधक बनाकर जबरन शादी कराने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मंगलवार से वायरल हो रहे इस वीडियो ने स्थानीय प्रशासन और सामाजिक हलकों में खलबली मचा दी है, जिसमें एक नवविवाहित जोड़ा ग्रामीणों के बीच बैठा नजर आ रहा है।

प्रेमिका से मिलने पहुंचा था प्रेमी, ग्रामीणों ने बनाया बंधक

स्थानीय सूत्रों और वीडियो से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना कथित प्रेम-प्रसंग से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि मधेपुरा जिले का रहने वाला 22 वर्षीय युवक अपनी प्रेमिका से मिलने राजेश्वरी स्थित उसके गांव पहुंचा था। शाम के वक्त युवक को देखते ही लड़की के परिजनों और ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। विरोध के बावजूद, ग्रामीणों ने दबाव बनाकर मंदिर में दोनों की शादी करा दी, जिसे 'पकड़ौआ विवाह' का रूप माना जा रहा है।

नाबालिग होने का दावा: वीडियो में उम्र को लेकर चौंकाने वाला खुलासा

वायरल वीडियो में ग्रामीण युवक और युवती से पूछताछ करते दिख रहे हैं। पूछताछ के दौरान युवक ने अपनी उम्र 22 साल बताई, लेकिन चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब लड़की ने अपनी उम्र केवल 15 साल बताई। यदि लड़की के नाबालिग होने का दावा सही निकलता है, तो यह मामला न केवल जबरन विवाह बल्कि 'बाल विवाह' के गंभीर कानूनी दायरे में आ जाएगा। वीडियो में ग्रामीण लड़के से यह भी पूछते दिख रहे हैं कि क्या वह लड़की को कमाकर खिलाएगा।

प्रशासनिक चुप्पी और सोशल मीडिया पर आक्रोश

वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। बड़ी संख्या में लोग प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि कानून को हाथ में लेकर इस तरह जबरन शादी कराने की इजाजत कैसे दी जा सकती है।

जांच के घेरे में 'बाल विवाह' और कानून का उल्लंघन

अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती लड़की की वास्तविक उम्र का पता लगाना है। यदि लड़की नाबालिग सिद्ध होती है, तो पंचायत और शादी कराने वाले ग्रामीणों पर पोक्सो एक्ट (POCSO) और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, युवक को उसके परिवार के आने तक गांव में ही रोके जाने की खबर है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।