राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी में झूलन उत्सव की धूम, सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मोहा मन
Supaul : जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी मंदिर में झूलन उत्सव के पावन अवसर पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, भक्ति और संस्कृति के अद्भुत संगम से आयोजित इस कार्यक्रम में शहरभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी सावन कुमार, डीडीसी इंद्रवीर कुमार, नगर परिषद अध्यक्ष राघवेंद्र झा राघव तथा ठाकुरबाड़ी कमेटी के अध्यक्ष अभय मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
फूलों व रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाया मंदिर परिसर
सनातन परंपरा के महत्वपूर्ण पर्व झूलन उत्सव को लेकर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से भव्य रूप से सजाया गया था। शाम ढलते ही रोशनी से जगमगाता मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की और आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।
कलाकारों की मनमोहक झांकी और प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
सांस्कृतिक संध्या के दौरान बाहर से आए कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से गणपति की धुन पर प्रस्तुत की गई भव्य झांकी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। उत्कृष्ट संगीत, मनमोहक वेशभूषा और नृत्य के अद्भुत समन्वय ने पूरे ठाकुरबाड़ी परिसर को भक्ति और उत्साह के रंग में सराबोर कर दिया।
सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं: डीएम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को एकजुट करने का कार्य करते हैं। ये कार्यक्रम हमारी समृद्ध परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं, नगर परिषद अध्यक्ष और ठाकुरबाड़ी कमेटी के अध्यक्ष ने भी आयोजन की सफलता और शहरवासियों की गहरी आस्था की सराहना की।
सुपौल शहरवासियों के लिए यादगार बना झूलन उत्सव
भव्य सजावट, श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़ और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने इस वर्ष के झूलन उत्सव को सुपौलवासियों के लिए बेहद खास और यादगार बना दिया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में पूरा माहौल राधा-कृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों से गुंजायमान रहा। इस आयोजन ने सुपौल की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर रेखांकित किया।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट