सुपौल के विभिन्न प्रखंडों में 'बुलडोजर राज' के खिलाफ सत्याग्रह, आठ सूत्री मांगों को लेकर बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
Supaul : अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) और भाकपा-माले के राष्ट्रीय आह्वान पर सुपौल जिले के विभिन्न प्रखंडों में 13-14 अगस्त को दो दिवसीय सामूहिक सत्याग्रह कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को जिले के पिपरा, त्रिवेणीगंज और छातापुर प्रखंड कार्यालयों पर कार्यकर्ताओं ने विशाल प्रदर्शन किया और अपनी आठ सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।
भूमिहीनों को जमीन और मनरेगा मजदूरी बढ़ाने की मांग
सत्याग्रह के दौरान वक्ताओं ने 'बुलडोजर राज' के खिलाफ जनांदोलन को और तेज करने का आह्वान किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि सभी भूमिहीन गरीब परिवारों को प्रगितीशील पर्चा (पीपी एक्ट) के तहत कम से कम 5 डिसमिल जमीन दी जाए। इसके साथ ही इंदिरा आवास योजना की राशि बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने तथा मनरेगा के तहत साल में 200 दिन काम व 700 रुपये दैनिक मजदूरी की गारंटी देने की पुरजोर मांग उठाई गई।
टैक्स और पेंशन योजनाओं को लेकर भी बोला हमला
प्रदर्शनकारियों ने वृद्धों, दिव्यांगों और विधवाओं को दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह करने का आग्रह किया। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में गरीब मजदूरों और किसानों पर पानी, सफाई एवं होल्डिंग टैक्स लगाने के प्रशासनिक फरमान को 'तुगलकी' करार देते हुए इसे अविलंब वापस लेने की मांग की गई।
पिपरा, त्रिवेणीगंज और छातापुर में नेताओं ने संभाली कमान
पिपरा प्रखंड में सत्याग्रह का नेतृत्व भाकपा माले व खेग्रामस Area सचिव कलाधर यादव, अनिल कुमार, अरविंद कुमार शर्मा और जितेंद्र चौधरी ने किया। त्रिवेणीगंज में जिला सचिव जयनारायण यादव, दुर्गी सरदार, मुस्लिम और सुरेश मंडल ने मोर्चा संभाला, जहाँ बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। वहीं छातापुर में अच्छेलाल मेहता, नवलकिशोर मेहता और राजेश्वर यादव के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया।
मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
सत्याग्रह में मौजूद लाल बहादुर यादव, सत्यनारायण यादव, जयनारायण यादव, बुचाय शर्मा, नागिया देवी और मुसनी देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार से जनहित की इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई करने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि गरीबों और ग्रामीण मजदूरों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन प्रखंड स्तर से निकलकर जिला और राज्य स्तर पर उग्र रूप धारण करेगा।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट