आयुष्मान कार्ड निर्माण में सुपौल बिहार में छठे स्थान पर, 11.31 लाख से अधिक व्यक्तिगत कार्ड बने

सुपौल जिले ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने के अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है....

आयुष्मान कार्ड निर्माण में सुपौल बिहार में छठे स्थान पर, 11.
आयुष्मान कार्ड निर्माण में सुपौल की बड़ी उपलब्धि- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने के अभियान में सुपौल जिले ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 50.59 प्रतिशत की उपलब्धि के साथ सुपौल पूरे बिहार में छठे स्थान पर पहुंच गया है। जिले में कुल 4,71,240 लक्षित परिवारों में से अब तक 4,57,106 परिवारों के कार्ड बनाए जा चुके हैं, वहीं 22,36,490 के व्यक्तिगत लक्ष्य के विरुद्ध 11,31,384 आयुष्मान कार्ड तैयार किए जा चुके हैं।


पंचायत और गांव स्तर पर विशेष शिविरों के जरिए कार्ड निर्माण 

ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लाभुकों को सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान को गति देने के लिए आरोग्य मित्र, सीएचओ, आशा कार्यकर्ता, CSC-VLE, PREA और स्कैन-शेयर ऑपरेटरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रखंड स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को योजना की जानकारी दी जा रही है और कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।


10 सरकारी और 8 निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा 

सुपौल जिले में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 10 सरकारी स्वास्थ्य संस्थान और 8 निजी अस्पताल सूचीबद्ध (Empaneled) हैं। इन अस्पतालों में पात्र परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए निर्धारित सीमा तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बीमारी के समय इलाज के भारी-भरकम खर्च से राहत दिलाना है।


राशन कार्ड धारकों के साथ 70 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों को भी लाभ 

सामान्य आयुष्मान भारत योजना के लिए पात्र परिवार का नाम राशन कार्ड डेटाबेस में होना आवश्यक है। वहीं 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों के लिए 'आयुष्मान वय वंदना कार्ड' योजना चलाई जा रही है, जो आर्थिक स्थिति से इतर सभी बुजुर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा देती है। सुपौल जिले में अब तक 10,020 वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं।


छूटे हुए पात्र परिवारों को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य 

स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सुपौल ने यह मुकाम हासिल किया है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान के अगले चरण में छूटे हुए पात्र परिवारों और व्यक्तिगत लाभुकों की पहचान कर उनका कार्ड बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रशासन ने सभी पात्र नागरिकों से अपना आयुष्मान कार्ड बनवाकर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट