बिना सुरक्षा उपकरणों के गार्ड से करा रहे थे फीटर का काम, बिजली विभाग की लापरवाही से गार्ड की करंट लगने से मौत
बिजली विभाग की एक ऐसी करतूत सामने आई है जिसने सबको झकझोर दिया है। सहरसा के रहने वाले रंजीत को जबरन मौत के तारों के बीच भेज दिया गया और सुरक्षा के नाम पर उसे मिला सिर्फ धोखा। देखिए कैसे सिस्टम की अनदेखी ने एक मासूम की जान ले ली।
Supaul -: जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत मल्हनी भरना टोला (वार्ड 7) में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। हाईटेंशन लाइन की सफाई के दौरान करंट लगने से एक गार्ड की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे का विवरण
मृतक की पहचान सहरसा जिले के सुखासन गांव निवासी रंजीत कुमार के रूप में हुई है। रंजीत सहरसा ग्रिड में गार्ड के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि वे कनीय अभियंता (जेई) देवेंद्र कुमार के साथ सुपौल के मल्हनी भरना टोला पहुँचे थे, जहाँ करीब 1 लाख 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से सटे पेड़ों की टहनियों की कटाई और तार की सफाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान वे करंट की चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के गंभीर आरोप
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया रंजीत गार्ड थे, लेकिन उनसे जबरन लाइनमैन और फिटर जैसा खतरनाक काम कराया जा रहा था। आरोप है कि कार्य के दौरान न तो लाइन को पूरी तरह शटडाउन किया गया और न ही उन्हें कोई सुरक्षा उपकरण दिए गए थे।परिजनों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, उचित मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
सिस्टम पर उठते सवाल
इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि निचले स्तर के कर्मचारियों से उनकी क्षमता और पद से बाहर जाकर जोखिम भरे काम क्यों कराए जाते हैं? फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
Report - Vinay kumar mishra