बांसबाड़ी में हाथ-पैर बंधे बेहोश मिला युवक, बैंक से रुपये निकालने के बाद अचानक हुआ था गायब
सुपौल जिले में बैंक से रुपया निकालने के बाद गायब हुआ युवक बेहोशी की हालत में एक बांसबाड़ी पड़ा मिला। परिजनों का कहना है कि उसने बैंक से 52 हजार रुपये निकाले थे जो लूट लिए गए है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच मे जुटी है.....
Supaul : जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के गढ़िया निवासी 18 वर्षीय युवक सर्वानन्द कुमार मंगलवार दोपहर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। बताया जा रहा है कि सर्वानन्द मंगलवार को बैंक से करीब 55 हजार नकद निकालकर अपनी बाइक ठीक कराने पिपरा बाजार स्थित एक एजेंसी में गया था। बाइक जमा करने के बाद वह वहां से निकला, लेकिन इसके बाद न तो बाइक लेने वापस पहुंचा और न ही देर रात तक घर लौटा, जिससे चिंतित परिजनों ने रातभर उसकी काफी खोजबीन की।
बांसबाड़ी में हाथ-पैर बंधे और बेहोश मिला युवक
बुधवार को अमहा पंचायत के भट्टावारी गांव स्थित एक बांसबाड़ी में स्थानीय ग्रामीणों ने एक युवक को हाथ-पैर बंधे और बेहोश पड़ा देखा। ग्रामीणों द्वारा पहचान किए जाने पर पता चला कि वह गायब सर्वानन्द कुमार ही है। युवक के मिलने की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना परिजनों और डायल-112 पुलिस टीम को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में रेफर
परिजनों और पुलिस की मदद से सर्वानन्द को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पिपरा ले जाया गया। सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. एमडी अकरम ने उसका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत अत्यंत गंभीर और नाजुक देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया।
55 हजार रुपये छीनने का लगा आरोप
घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि बदमाशों ने युवक को बंधक बनाकर उसके पास मौजूद ₹55 हजार की नगदी छीन ली और उसे मरणासन्न हालत में बांसबाड़ी में फेंककर फरार हो गए।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना के संबंध में पिपरा के प्रभारी थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि फिलहाल मामले में परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। आवेदन मिलते ही प्राथमिकता के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की सच्चाई और अपराधियों का पता लगाया जा सके।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट